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सीएमओ व सीएमएस के बीच रार, जनता परेशान

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गोंडा। जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग दो खेमों में बंटा नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि इसके पीछे सीएमओ और सीएमएस के बीच चल रहे शीतयुद्घ को बड़ा कारण बताया जा रहा है। ऐसे में सीएमओ कार्यालय के कर्मचारियों और जिला अस्पताल के कर्मचारियों के बीच भी काफी तनाव बढ़ गया है। दोनों जगहों के कर्मचारी अपनी अकड़ में हैं जिसके चलते आम लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। खास तौर पर कोरोना काल में लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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बीते लगभग दस दिनों से दोनों बड़े अफसरों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद उजागर हो रहे हैं। यहां तक कि दोषारोपण से भी कोई बाज नहीं आ रहा है। इसी का नतीजा है कि एक ही परिसर में स्थित दोनों जगहों पर तैनात कर्मचारियों में काफी तनाव देखने को मिल रहा है। अब कर्मचारी खुद नहीं समझ पा रहे हैं कि किसके मुताबिक काम करें। बताया जा रहा है बीते दिनों कई बार सीएमओ खुद जिला अस्पताल का निरीक्षण कर चुकी हैं। जिससे जिला अस्पताल के कर्मचारी भी सहमे हुए हैं।
जांच के लिए घंटों खड़ा रहा कैंसर का मरीज
बेलसर ब्लॉक के सिधौटी गांव से दो लोग जांच के लिए बेलसर सीएचसी से रेफर होकर जिला अस्पताल कोरोना की जांच के लिए आये थे। जिसमें एक व्यक्ति कैंसर मरीज था, उसे इलाज के लिए जाना था लेकिन कोरोना जांच के बगैर उसका इलाज नहीं हो सकता था। ऐसे में जिला अस्पताल में सैंपल कलेक्शन सेंटर पर उसे कर्मचारियों ने घंटों खड़ा रखा था। साफ कहा कि किसी ने भी रेफर किया हो यहां जांच नहीं होगी, जहां से रेफर होकर आये हैं वहीं जांच होगी। काफी देर बाद जब ये मामला सीएमओ के पास पहुंचा तो उनके निर्देश के बाद दोनों लोगों की जांच संभव हो सकी।
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ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड की जांच के लिए मोबाइल टीम की व्यवस्था की गई है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आवश्यक जांच जिला अस्पताल में नहीं होगी। ऐसी लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि कोरोना की जांच के लिए सैंपल कलेक्शन प्वाइंट पर लोगों को परेशान होना पड़ रहा है और बार-बार हमें कहना पड़ता है। ऐसे में मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कोरोना जैसी महामारी में भी संवेदनहीनता से दिखाना कतई ठीक नहीं है। -डॉ. मधु गैरोला, सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से दो दिन पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों की कोरोना जांच सीएचसी पर ही कराने के लिए निर्देश जारी किये गये थे। इसी आदेश के क्रम में सीएचसी से रेफर होकर आये लोगों की जांच के लिए मना किया गया है। उनकी जांच जिला अस्पताल में नहीं कराई जायेगी। आगे जो भी निर्देश होगा उसके मुताबिक काम किया जायेगा।
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-डॉ. अरुण लाल, सीएमएस, जिला अस्पताल
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