गोंडा। नगर कोतवाली क्षेत्र के भट्ठा परेड सरकार गांव निवासी विजय पांडेय उर्फ बब्बन (22) के परिजनों ने सोमवार को पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाया। ऐसे में खुलासे के करीब पहुंची पुलिस की जांच की दिशा घूम गई है। पुलिस ने दावा किया कि परिजनों की आशंकाओं पर संदिग्धों से पूछताछ के साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही पुलिस मामले के नतीजे पर पहुंचेगी। वहीं, सुरक्षा के लिए एक उपनिरीक्षक समेत तीन पुलिसकर्मियों को गांव में तैनात किया गया है।
घटना के चौथे दिन सोमवार को ताबड़तोड़ 23 बार चाकू के हमले से मौत के घाट उतारे गए विजय के पिता रामकुमार पांडेय ने पुलिस की थ्योरी पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने फिलहाल बब्बन की हत्या में मृतक दीपक को ही आरोपी बताया है। मगर अकेले दीपक इतने निर्मम तरीके से वारदात को अंजाम नहीं दे सकता है। परिजनों को आशंका है कि भोर तीन बजे उसे साजिश के तहत फोन कर बुलाया गया। इसके बाद मैगी पसंद न होने के बावजूद उसे रोडवेज स्थित दुकान पर ले जाया गया। वहीं, लौटते समय अज्ञात कारणों से पठानपुरवा के पास निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई। उन्होंने बताया कि एक पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद बब्बन आरोपी दीपक से लड़कर बचाव कर सकता था। इसके बावजूद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके कंधे, सीने व पेट में 23 वार चाकू के पाए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सुबह 4:11 बजे हत्या की वारदात को अंजाम देने की बात कही जा रही है। वहीं, पांच बजे दीपक ने अपने परिजनों को वारदात की जानकारी दी। मगर विजय के परिजनों को इससे अंजान रखा गया है। ऐसे में परिजनों के सवालों में पुलिस उलझ गई है। संदेह के आधार पर हत्या के खुलासे के करीब पहुंची पुलिस ने जांच का दावा किया है।
मृतक विजय के पिता रामकुमार ने कहा कि आरोपी दीपक के फोन पर सूचना देने के बावजूद भी उन्हें तुरंत जानकारी नहीं मिल सकी। करीब छह बजे मौके पर पहुंचे तब तक बेटे विजय की मौत हो चुकी थी। ऐसे में परिजन उसे अस्पताल तक नहीं ले जा सके। परिजनों ने बताया कि बाइक चलाते समय उसे सामने से रोका गया है। जिसके बाद ताबड़तोड़ हमला कर हत्या की गई है। ऐसे में अन्य संदिग्धों के शामिल होने की आशंकाएं बढ़ गई हैं।
परिजनों ने बताया कि सुनसान देखकर विजय को मौत के घाट उतारा है। हालांकि करीब 70 मीटर दूरी पर पठानपुरवा में मकान बने हुए हैं। वहीं भट्ठा परेड की घनी झाड़ियों में पहले से छिपे आरोपियों का हाथ हो सकता है। हालांकि आसपास तीन तरफ कोई कैमरा न होने के कारण अन्य आरोपियों की शिनाख्त नहीं हो पाई है। प्रभारी निरीक्षक मनोज पाठक का कहना है कि आसपास लगे कैमरे में दीपक अकेला बाइक से जाता हुआ दिखाई दे रहा है।
ट्रेन के सामने जान देने वाले आरोपी दीपक की मां अनिल पांडेय ने बताया कि दीपक को ससुराल से 10 लाख रुपये मिले थे। पुलिस जांच में सामने आया कि दीपक ससुराल से मिली रकम को खर्च कर रहा था। भाई योगेंद्र ने बताया कि जुआ खेलने के साथ ही शराब भी पीना शुरू कर दिया था। इतना ही नहीं परिजन विरोध कर रहे थे। हालांकि दोनों के बीच कोई विवाद नहीं आया था। ऐसे में परिवार पूरे घटनाक्रम से अंजान रहा है।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ बयान दर्ज किए गए हैं। आरोपी दीपक के आत्महत्या करने की पुष्टि हुई। वहीं, मरने से पहले दीपक ने रिश्तेदारों को विजय उर्फ बब्बन की हत्या करने की जानकारी दी थी। परिजनों की आशंका पर अन्य से पूछताछ की जा रही है। वारदात में किसी अन्य के शामिल होने की बात सामने नहीं आई है।