अधिशासी अभियंता वीके त्रिपाठी।
गोंडा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मामले में शासन ने सख्ती बढ़ा दी है। गोंडा के लोक निर्माण विभाग खंड दो में तैनात अधिशासी अभियंता वीके त्रिपाठी को हटाकर लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। इस कार्रवाई को चल रही उच्चस्तरीय जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।
दरअसल, गोंडा में सड़क निर्माण से जुड़े कई बड़े टेंडरों में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित कर कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया। कई मामलों में कम दर (लगभग 10 प्रतिशत तक कम) पर आई निविदाओं को निरस्त कर दिया गया, जबकि उच्च दर वाली निविदाओं को प्राथमिकता दी गई। करीब 61 करोड़ रुपये की एक प्रमुख सड़क परियोजना में सबसे कम दर पर निविदा देने वाली फर्म को तकनीकी आधार पर बाहर कर दिया गया। इसी तरह अन्य परियोजनाओं में भी नियमों की अनदेखी और प्रक्रिया में हस्तक्षेप के आरोप लगे हैं। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद शासन स्तर पर जांच के आदेश दिए गए थे।
अब अधिशासी अभियंता वीके त्रिपाठी को हटाकर मुख्यालय से संबद्ध किए जाने से विभाग में खलबली मच गई है। इस मामले की जद में आ रहे अन्य लोग बचाव की मुद्रा में आ गए हैं। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता योगेंद्र सिंह ने कार्रवाई की पुष्टि की है।