गोंडा। सड़कों की मरम्मत को लेकर छठे दिन पीडब्ल्यूडी जाग गया है। ग्रामीण इलाकों में गड्ढे भरवाए जा रहे हैं। वहीं गड्ढामुक्ति को लेकर जो धनराशि आवंटित हुई है, उससे अभियंताओं को चक्कर आ गया है। दरअसल 12 करोड़ रुपये की डिमांड भेजी गई थी, लेकिन 35 लाख रुपये ही मिले हैं। ऐसे में गड्ढों को दूर करने में दिक्कतें बढ़ेंगी।
सड़कों के सुदृढ़ीकरण को लेकर गत दिनों मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया था। इसके बाद अचानक मौसम बिगड़ गया था। मौसम ठीक हुआ तो अब सड़कों की मरम्मत को लेकर कार्रवाई आगे बढ़ी है। लेकिन अब धन की समस्या बाधा बन रही है। अभियंता बताते हैं कि जितनी धनराशि शासन से मांगी गई थी उसके अनुरूप बजट आवंटित नहीं हुआ है। उनके मुताबिक 12 करोड़ 12 लाख रुपये की डिमांड भेजी गई थी। मात्र 34.83 लाख रुपये ही आवंटित हुए हैं।
प्रांतीय खंड को 12.41 लाख रुपये, खंड-1 को 9.84 लाख रुपये और खंड-2 को 12.58 लाख रुपये ही अवमुक्त हो गए हैं। कम धनराशि ने अभियंताओं की टेंशन बढ़ा दी है। जिले की अधिकतर सड़कें जर्जर हैं। मुख्य मार्ग तक क्षतिग्रस्त हैं। अब इनकी मरम्मत का कार्य शुरू हो गया है। अधीक्षण अभियंता लालजी का कहना है कि शासन को अनुस्मारक पत्र भेजा जा रहा है। धनराशि मिलते ही तेजी से कार्य शुरू कराया जाएगा।
शहर के कृषि विभाग चौराहे से पंतनगर जाने वाली सड़क अत्यंत जर्जर है। कई वर्षों से इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। जिससे बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। यहीं पर रामलीला मैदान है। यहां पर बृहस्पतिवार से रामलीला का शुभारंभ होगा। श्रीराम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न की झांकी निकाली जाएगी। लेकिन सड़क की मरम्मत न होने से मेला समिति के लोग परेशान हैं। श्री संकटमोचक रामलीला कमेटी के अजयशंकर श्रीवास्तव ने कहा कि सड़क की मरम्मत न होने से रामलीला मंचन व दर्शकाें को समस्याएं होंगी।