यूपी के गोंडा में धान खरीद को लेकर शासन स्तर से भले ही बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हों, लेकिन जिले के क्रय केंद्रों पर अभी भी खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पाई है। तहसीलों में रकबा सत्यापन की प्रक्रिया से परेशान किसान कम दाम में आढ़तियों को अपनी उपज बेच रहे हैं। इसके कारण खरीद शुरू होने के 15 दिन में मात्र 440 किसानों ने 2445 मीट्रिन टन धान ही सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचा है। जबकि, खरीद का लक्ष्य एक लाख दो हजार एमटी है।
राजकीय धान क्रय केंद्र कादीपुर के संचालक संजय कुमार चौहान ने बताया कि उनके केंद्र पर चार किसानों से लगभग 129 क्विंटल धान की खरीद हुई है। मैजापुर केंद्र पर धान लेकर आए किसान महेश कुमार व पवन तिवारी ने बताया कि किसानों को पंजीकरण के सत्यापन में समस्या है।
मसकनवा संवाद के अनुसार अभी तक चार किसानों से 64 क्विंटल धान की खरीददारी की गई है। गोदाम प्रभारी ध्रुव कुमार ने बताया कि क्रय केंद्र पर धान खरीदने का लक्ष्य पांच हजार क्विंटल है। क्षेत्र के 23 किसानों से संपर्क किया गया। सहकारी संघ मसकनवा में स्थिति धान क्रय केंद्र पर एक किसान से 34 क्विंटल 80 किलो धान की खरीदारी की जा चुकी है।