गोंडा। कोरोना संक्रमण के बावजूद जिले में अब तक 14282 किसानों से 74,117 मीट्रिक टन गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जा चुका है। गेहूूं बेचने के लिए अभी भी किसान भारी मात्रा में क्रय केंद्रों पर पहुंच रहे हैं जिससे साफ है कि खरीद का आंकड़ा और भी आगे जाएगा।
किसानों की संख्या को देखते हुए अभी भी 109 क्रय केंद्र संचालित हैं, जबकि खरीद के शुरुआत में 120 केंद्र संचालित किए गये थे। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी प्रज्ञा मिश्रा के अनुसार करीब 12855 किसानों को गेहूूं मूल्य का भुगतान कर दिया गया है।
जिले में करीब दो महीने में 74,117 एमटी गेहूं की खरीद कर ली गई है। 120 केंद्रों पर अब तक 14,282 किसानों ने अपना गेहूं बेंचा है। प्रति क्विंटल 1975 रुपये की दर से करीब 12,855 किसानों को भुगतान किया जा चुका है। बाकी किसानों के गेहूं मूल्य का भुगतान प्रक्रिया चल रही है।
11 क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया है जबकि 109 क्रय केंद्रों पर खरीद अभी चालू है। सहकारी समिति कौड़िया बाजार में क्रय केंद्र प्रभारी हरीश तिवारी ने बताया कि उनके केंद्र पर 176 किसान अपना 980 मीट्रिक टन गेहूं बेच चुके हैं।
अभी भी किसानों के आने का सिलसिला जारी है। रुपईडीह में बने खाद्य एवं रसद विभाग के क्रय केंद्र प्रभारी राजकुमार चौधरी ने बताया कि उनके यहां 50 किसानों से 250 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। अभी भी क्रय केंद्र पर किसान आ रहे हैं जिनके गेहूं की खरीद की जा रही है।
जिले के पांच लाख किसानों में करीब तीन लाख किसान गेहूं की खेती करते हैं। करीब ढाई लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती की जा रही है। लेकिन सरकार की मंशा के अनुरुप सभी किसानों के फसल की एमएसपी पर खरीद नही हो पा रही है। तीन लाख किसानों मे सिर्फ 14 हजार किसानों की फसल की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद हो सकी है। बाकी किसानों को अपना गेहूं बिचौलियों के हाथों ही बेचना पड़ेगा।