गोंडा। डीएम मार्कंडेय शाही ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हिट एंड रन केस के पीड़ित परिवारों को मदद दिलाने के निर्देश दिए हैं। 2005 से अब तक सहायता राशि न दिलाने तथा दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले लोगों को सेमिरटन योजना के तहत अब तक प्रोत्साहन राशि न देने पर आरटीओ को कड़ी फटकार लगाई।
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम ने जनपद में चिह्नित 113 ब्लैक स्पॉट्स सहित दो नए ब्लैक स्पॉट्स का पुलिस, परिवहन व पीडब्लूडी विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण कर सड़क हादसे न हों, इसके लिए कार्य योजना बनाकर तत्काल कार्यवाही कराने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा गोंडा-लखनऊ फोरलेन मार्ग पर गलत ढंग से बने कट्स को बंद कराने के निर्देश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायलों को त्वरित व उच्च गुणवत्ता का इलाज दिलाने के लिए जनपद में हैवी ट्रैफिक वाले कस्बों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ट्रॉमा सेंटर बनवाए जाने के लिए शीघ्र ही शासन को पत्र भेजा जाएगा।
समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि वर्ष 2019 के लंबित 52 मामलों में परिवहन विभाग की लापरवाही के कारण पीड़ित परिवारों को सोलशियम फंड से सहयोग राशि नहीं मिल सकी है। इसी प्रकार सार्वजनिक वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं में वर्ष 2005 से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
इससे नाराज डीएम ने मीटिंग में ही मौजूद आरटीओ व एआरटीओ को कड़ी फटकार लगाते हुुए एक सप्ताह में लंबित सभी प्रकरणों को निस्तारित कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायलों को तत्काल रेस्क्यू करने के लिए ट्रामा एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए उनके द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पत्र भेजा जाएगा।