तरबगंज। तहसील के 15 राजस्व गांवों को मनकापुर तहसील में शामिल करने के प्रस्ताव का विरोध शुरू हो गया है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मंगलवार को विधायक प्रेम नरायन पांडेय को ज्ञापन सौंपते हुए तहसील विभाजन रोकने की मांग की।
अधिवक्ताओं ने कहा कि इससे पहले दो बार तरबगंज तहसील का विभाजन कर करनैलगंज और मनकापुर तहसील बनाई जा चुकी है। अब नवाबगंज ब्लॉक के 15 राजस्व गांवों को मनकापुर में शामिल करने का प्रस्ताव किया गया है। जिलाधिकारी द्वारा एक दिसंबर को इस संबंध में सूचना प्रकाशित कर 15 दिन के भीतर आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। प्रस्ताव के अनुसार, नवाबगंज परगना के गांवों को मनकापुर परगना में शामिल किया जाना है। अधिवक्ताओं का तर्क है कि पहले भी मानक के अनुरूप न होने के कारण यह प्रस्ताव निरस्त किया जा चुका है।
विधायक ने अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया कि शासन स्तर से हर संभव मदद दिलाई जाएगी। इस मौके पर एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष सुरेश सिंह, महामंत्री रवींद्रनाथ पांडेय, पवन सिंह, आजाद सिंह, अयोध्या प्रसाद पांडेय, रवींद्र मिश्र, ओपी सिंह आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
इन गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव
तरबगंज तहसील के जिन राजस्व गांवों को मनकापुर तहसील में शामिल किए जाने का प्रस्ताव है, उनमें करौंदी, महादेवा, सतिया, सिंकंदरपुर, हरदवा, शंभूनगर, रामगढ़ टांगिया, महेशपुर वन, परसापुर थनवा, सुरजापुर, गैलनग्रंट, लिदेहना ग्रंट, पूरे गयादीन, लिदेहना व जानकी नगर शामिल हैं।