विकास खंड और पंचायत राज विभाग के बीच विवाद खुलकर सामने आ गया है। विकास खंड के अफसरों व कर्मियों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर साजिश के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कमजोर करने का आरोप लगाया। ग्राम्य विकास महा परिषद ने शासन के निर्णय पर आक्रोश जताया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी प्रीति शुक्ला को सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए ग्राम्य विकास महा परिषद के संरक्षक डीडीओ शिव कुुमार सिंह, पीडी वीरेन्द्र कुमार यादव व डीसी मनरेगा शेषमणि सिंह और जनपद अध्यक्ष बीडीओ उपेन्द्र पाल ने कहा कि कृषि, कृषि रक्षा, सहकारिता उद्यान, पशुपालन, पंचायत राज, युवा कल्याण, लघु सिंचाई, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, अर्थ एवं संख्या और चिकित्सा के खंड स्तरीय अधिकारियों को बीडीओ की निगरानी में गांवों के चहुंमुखी विकास में संपूर्ण योगदान दिया गया।
पिछले कुछ वर्षों से साजिश के तहत बीडीओ के अधिकार को खत्म किया जा रहा है। बीडीओ के अधिकारों पर सीधे प्रहार करते हुए पंचायत राज विभाग ने ग्राम्य विकास के खिलाफ 10 जून को जनपद स्तर पर और 17 जून को लखनऊ में धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है जिसके खिलाफ ग्राम्य विकास महा परिषद ने आरपार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
पंचायत राज विभाग के धरना-प्रदर्शन के खिलाफ ग्राम्य विकास परिषद के लोग दो घंटे का अतिरिक्त कार्य करके अपना विरोध जताने का निर्णय लिया है।