वजीरगंज। गुजरात के अहमदाबाद में रोजी-रोटी के लिए गए अजबनगर निवासी पप्पू सिंह (18) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इसके बाद बृहस्पतिवार देर शाम शव घर पहुंचा। साथियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने गांव के पास ही रौजा-टिकरी मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इंस्पेक्टर संतोष कुमार मिश्र ने लोगों को कार्रवाई का भरोसा देकर किसी तरह से शांत कराया।
अजबनगर निवासी शिवशंकर सिंह ने बताया कि करीब एक साल पहले बेटा पप्पू गांव के ही तीन सगे भाइयों के साथ रोजी-रोटी के लिए अहमदाबाद गया था। बीते 27 अगस्त को उन्हें बेटे पप्पू को गंभीर चोटें आने की जानकारी मिली। इसके अगले ही दिन बेटे विपिन और चचेरे भाई अमरजीत को अहमदाबाद भेजा। इसके बाद से पप्पू का अहमदाबाद में इलाज चल रहा था। बीते दो सितंबर रात आठ बजे पप्पू की मौत हो गई। अहमदाबाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किया। बृहस्पतिवार शाम शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया।
नाराज लोगों ने पप्पू के साथियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए रौजा-टिकरी मार्ग पर शव रखकर प्रर्दशन शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची वजीरगंज पुलिस ने किसी तरह से लोगों को कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया। इंस्पेक्टर संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि गुजरात पुलिस से संपर्क किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मंगाई जा रही है। परिजनों के आरोपों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। परिजन शव के अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए हैं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
परिजनों के मुताबिक, पप्पू तीन भाइयाें में दूसरे नंबर पर था। परिवार में पिता शिव शंकर सिंह उर्फ ननके, मां सरिता सिंह, भाई विपिन, रोहित व बहन रीना हैं। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।