मुंसिफ अदालत की स्थापना को लेकर सोमवार को अधिवक्ताओं ने तहसील के सभी कार्यालयों में ताला जड़ दिया और प्रदर्शन कर नारेबाजी की। अधिवक्ताओं के समर्थन में विभिन्न संगठनों के लोगों ने तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया।
वकील तहसील भवन के मेन गेट पर आने जाने का रास्ता बंद कर धरने पर बैठ गए। अधिवक्ताओं ने एसडीएम वीके सिंह को भी तहसील में घुसने नहीं दिया। धरने को संबोधित करते हुए परसपुर विकास मंच के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने कहा कि अपने हक के लिए बड़ा से बड़ा आंदोलन चलाएंगे।
उन्होंने कहा कि न्यायालय की स्थापना में बाधा उत्पन्न करने वाले लोगों को सबक सिखा देंगे। मोमिन अंसार सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष मशरूफ अहमद ने कहा कि जब तक न्यायालय की स्थापना नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस मामले पर अंसार सभा पूरी तरह से अधिवक्ता संघ के साथ है। संघ के मंत्री हृदय नरायन मिश्र ने कहा कि यह हक की लड़ाई है और संघ अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि जब तक न्यायालय की स्थापना नहीं हो जाती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि संघ ने निर्णय किया है कि मंगलवार को गोंडा-लखनऊ मार्ग जामकर प्रदर्शन किया जाएगा। सभा को सपा के प्रदेश सदस्य यावर हुसैन मुन्ना, कृष्ण बल्देव शुक्ल, वीके सिंह, त्रिलोकी नाथ तिवारी, राम सुरेश तिवारी, एवं वीरेंद्र विक्रम तिवारी आदि ने संबोधित किया।