बीती रात करीब नौ बजे गोंडा स्थित 220 केवी बिजली घर से बलरामपुर जाने वाली 132 केवी लाइन में अचानक खराबी आ जाने से हाईटेंशन लाइन की सीटी (करंट ट्रांसफार्मर) दग गई। इससे समूचे बलरामपुर जिले के साथ ही गोंडा जिले के दो बिजली घरों इटियाथोक व खरगूपुर की बिजली 17 घंटे तक गुल रही।
बिजली न मिलने से गोंडा की तीन लाख आबादी और बलरामपुर जिले की 21 लाख आबादी को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ा। लोगों ने सड़कों पर घूमकर किसी तरह रात गुजारी। इस दौरान पेयजल की आपूर्ति भी प्रभावित रही। उपखंड अधिकारी पारेषण खंड आरके त्रिपाठी ने बताया कि 132 केवी लाइन की सीटी रात में किसी फाल्ट से दग गई थी।
इसे सोमवार की दोपहर दो बजे ठीक करके दोनों जिलों के बंद चल रहे बिजली घरों की बिजली चालू कर दी गई।
देवीपाटन मंडल के मुख्यालय गोंडा में स्थित 220 केवी बिजलीघर से मंडल के चार जिलों को बिजली की आपूर्ति होती है। इसके लिए यहां 220 केवी बिजलीघर से 132 केवी की तीन अलग-अलग लाइनें बलरामपुर, भिनगा और बहराइच ले जाई गई हैं।
बताते हैं कि रविवार की रात 220 केवी बिजलीघर के स्विचयार्ड में बलरामपुुर जाने वाली 132 केवी हाईटेंशन लाइन पर लगी सीटी अचानक किसी फाल्ट से तेज धमाके के साथ दग गई। इससे समूचे बलरामपुर जिले की बिजली गुल हो गई।
चूंकि बलरामपुर जिले से गोंडा जिले के भी दो बिजलीघरों इटियाथोक व खरगूपुर को बिजली दी जाती है। इसलिए न केवल बलरामपुर बल्कि जिले के भी दो बिजलीघरों और उससे जुड़े इलाके के 150 से अधिक गांवों में पूरी रात अंधेरा छाया रहा।
इससे गोंडा जिले की तीन लाख आबादी को तमाम तरह की दिक्कतों से जूझना पड़ा। वहीं, बलरामपुर जिले की 21 लाख आबादी को बिजली न मिलने से परेशानी हुई। उमस भरी गर्मी में बिजली न मिलने से लोगों ने रात जागकर गुजारी। विद्युत आपूर्ति ठप होने से पेयजल की आपूर्ति भी प्रभावित रही।
132 केवी हाईटेंशन लाइन में लगी सीटी रविवार की रात दग गई थी। इसे ठीक कराने का काम मौके पर तत्काल शुरू करा दिया गया था। लेकिन फाल्ट बड़ा था, इसलिए उसे ठीक किए जाने में समय लगा। सोमवार को दो बजे हाईटेंशन लाइन की दगी हुई सीटी को बदलकर उसकी जगह नई सीटी लगाकर बलरामपुर जिले की बिजली बहाल करा दी गई है। विद्युत आपूर्ति सुचारु होने से लोगों ने राहत की सांस ली। - आरके त्रिपाठी, उपखंड अधिकारी पारेषण खंड विभाग