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प्रसूता को सीएचसी से भगाया

Fri, 18 Mar 2016 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोंडा
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 तरबगंज क्षेत्र के धौरहराघाट पूरे बाबूपुरवा गांव निवासी एक प्रसूता ने सीएचसी तरबगंज में तैनात एएनएम व अन्य स्टाफ पर उसे डांटकर अस्पताल से भगा देने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि वह प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी गई थी। जहां न तो उसका इलाज किया गया और न ही डिलीवरी, जिससे उसके पेट में पल रहे बच्चे की मौत हो गई और उसने मृत शिशु को जन्म दिया।
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वहीं महिला के आरोपों को सीएचसी तरबगंज के अधीक्षक सुहैल अहमद ने सिरे से खारिज करते हुए बताया है कि ऐसी कोई महिला सीएचसी में भर्ती ही नहीं हुई और न ही एंबुलेंस के रिकॉर्ड में उसकी कोई एंट्री है।

धौरहराघाट पूरे बाबूपुरवा गांव में रहने वाली मालती देवी गुरुवार की रात प्रसव पीड़ा होने पर 102 एंबुलेंस से सीएचसी तरबगंज गई थी। जहां पहुंचने पर सीएचसी के किसी भी स्टाफ ने न तो उन्हें भर्ती किया और न ही इलाज।
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बतौर विमला देवी इलाज और डिलीवरी के नाम पर अस्पताल में तैनात स्टाफ की ओर से उससे पांच हजार रुपये की मांग की गई। लेकिन जब उसने रुपये देने से मना कर दिया तो उसे अस्पताल का ही स्टाफ अस्पताल से भगाने लगा। लेकिन इसके बाद भी वह दर्द से कराहती हुई अस्पताल में पड़ी रही, जहां देर रात उसने एक मृत बच्चे को जन्म दिया।

प्रसूता का आरोप है कि डॉक्टर और एएनएम की लापरवाही से ही उसके बच्चे की मौत हुई है। वहीं, सीएचसी तरबगंज के अधीक्षक डॉ. सुहैल अहमद का कहना है कि विमला नाम की कोई महिला सीएचसी में डिलीवरी के लिए एडमिट होने नहीं आई थी।

अगर आई होती तो उसे अस्पताल में भर्ती जरूर किया जाता। महिला के 102 एबुंलेंस से अस्पताल आने का भी उनके पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। सुबह मामले की शिकायत मिलने पर उन्होंने प्रकरण की अपने स्तर से जांच की थी। लेकिन जांच में महिला के लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद और निराधार पाए गए।

उधर, महिला ने अपने साथ हुई ज्यादती की शिकायत सीएमओ को पत्र देकर की है। सीएमओ का कहना है कि अभी उन्हें इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। लेकिन अगर शिकायत मिलती है तो इसे जरूर दिखवाया जाएगा।
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