गोंडा। जिले के 2609 परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई पूरी तरह समय सारिणी के अनुसार ही होगी। प्रधानाचार्य शिक्षकों की उपलब्धता के अनुसार समय सारिणी तय करेंगे। प्रत्येक विषय की कक्षा 40 मिनट की होगी, जबकि 30 मिनट का मध्यावकाश अनिवार्य किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत कक्षा छह से आठ तक के छात्र-छात्राओं के लिए सप्ताह में एक दिन डिजिटल कक्षा आयोजित की जाएगी। इसके तहत खान अकादमी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी, जिससे बच्चों की समझ और सीखने की क्षमता को और बेहतर बनाया जा सके।
बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से 11 बिंदुओं पर आधारित निर्देश जारी किए गए हैं। इनका उद्देश्य परिषदीय विद्यालयों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और गुणवत्ता में सुधार लाना है। विद्यालय अवधि के पहले 15 मिनट प्रार्थना सभा, योग और छात्र उपस्थिति के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके बाद विषयवार कक्षाएं संचालित होंगी।
मध्याह्न भोजन के लिए 30 मिनट का समय तय किया गया है, जिसमें बच्चों को बैठाकर भोजन कराना और फिर से कक्षा में भेजा जाएगा। इसके साथ ही दैनिक और साप्ताहिक शिक्षण योजना को लागू करते हुए पाठ्यक्रम पूरा कराया जाएगा। विद्यालयों में उपलब्ध संदर्शिका, कार्यपुस्तिका और टीएलएम किट्स का भी प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। बीएसए ने कहा कि नई समय सारिणी से न केवल पढ़ाई में नियमितता आएगी, बल्कि शिक्षा का स्तर भी बेहतर होगा।