एनआईसी सभागार में शुक्रवार को प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में शामिल होने पहुंचे देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी सहित सभी चार जिलों के एक्सईएन की पहले तो जमकर क्लास ली। इसके बाद सभी से जिलेवार ऊर्जा बढ़ने का कारण पूछते हुए उसके सापेक्ष रेवेन्यू (राजस्व) न ला पाने पर फटकार लगाते हुए इसका लिखित जवाब हफ्ते भर में मांगा है।
प्रमुख सचिव ऊर्जा ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें अभियंताओं का जवाब संतोषजनक नहीं मिलता है तो सभी के खिलाफ सेंसर एंट्री (प्रतिकूल प्रविष्टि) की कार्रवाई होगी।
देवीपाटन मंडल के चार जिलों में पिछले साल की तुलना में इस साल पावर कॉर्पोरेशन का रेवेन्यू 27.92 फीसदी बढ़ा है। जबकि इसके सापेक्ष बिजली की डिमांड में करीब 35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
बिजली की खपत में इस बढ़ोतरी के चलते जिस थ्रू रेट को पावर कॉर्पोरेशन का शीर्ष अमला बढ़ाने का प्रयास कर रहा है, उसमें 4.28 फीसदी की गिरावट आ गई है।
इसे लेकर शुक्रवार को एनआईसी सभागार में हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल ने पहले तो एक-एक अभियंता से इसका कारण पूछा और यह पता लगाने की कोशिश की कि जब वह उन्हें भरपूर बिजली दे रहे हैं तो इसका पैसा उन्हें क्यों नहीं मिल रहा। जिसके नतीजतन जिस थ्रू रेट को वह बढ़ाने की कोशिश में जुटे हैं, वह घटता जा रहा है।
इसे लेकर प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल ने मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी समेत गोंडा डिवीजन प्रथम के एक्सईएन राधेश्याम भाष्कर, गोंडा द्वितीय के एक्सईएन तीरथराम श्रीवास्तव, बहराइच के एक्सईएन मो. आरिफ, बलरामपुर व श्रावस्ती के एक्सईएन से उनका लिखित जवाब हफ्ते भर में मांगा है।
प्रमुख सचिव ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें किसी अभियंता का जवाब संतोषजनक नहीं मिलता है तो उसे सेंटर एंट्री (प्रतिकूल प्रविष्टि) दी जाएगी।