बलरामपुर के चौक बाजार में खरीदारी करतीं महिलाएं ।-संवाद
बलरामपुर। सावन के बाद अब त्योहारों का दौर शुरू हो गया है। 14 अगस्त को हलषष्ठी व 16 अगस्त को जन्माष्टमी पर्व मनाया जाएगा। इसको लेकर बाजार में शृंगार सामग्री व साड़ियों की खरीदारी बढ़ गई है। बाजार में पीतल के लड्डू गोपाल, मोर पंख व झूला सहित अन्य सामान की मांग ज्यादा है।
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि 14 अगस्त को हलषष्ठी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्म हुआ था। हलषष्ठी के दिन माताएं अपने पुत्र की लंबी आयु के लिए पूरा दिन व्रत रखकर षष्ठी मइया की पूजा करती हैं। महिलाएं पीली रंग की नई साड़ी पहनकर ही पूजा करती हैं। ऐसे में बाजार में साड़ियों की खरीदारी भी हो रही है। वहीं भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 16 अगस्त को जन्माष्टमी है।भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इसमें घर व मंदिरों को सजाने-संवारने, राधा-कृष्ण की झांकी सजाने और पूजा-अर्चना के लिए शृंगार सामग्री की खूब खरीदारी हो रही है। दुकानदार चंदन ने बताया कि उनके यहां लड्डू गोपाल, मोर पंख, मुकुट, झूला की बिक्री खूब हो रही है। दुकानदार विक्की ने बताया कि पीतल के लड्डू गोपाल, मुकुट, झूला और शृंगार सामग्री की खरीद तेज हो गई है।