गोंडा। महाराजा देवी बख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस की 100 सीटों पर दूसरे बैच के प्रवेश की तैयारियां शुरू हो गई है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में जरूरी संसाधनों के साथ फैकल्टी की व्यवस्थाओं को दुरुस्त बनाया जा रहा है। बुधवार को एनएमसी (नेशनल मेडिकल काउंसिल) की टीम प्राचार्य डॉ धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने के साथ वर्चुअल सुनवाई करेगी। इस दौरान शिक्षण कार्य की बेहतर व्यवस्था होने पर सीटों में बढ़ोत्तरी किए जाने पर भी विचार हो सकता है।
नीट का परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद होने वाली काउंसिलिंग के बाद मेडिकल कॉलेज में दूसरे बैच के विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। यह काउंसिलिंग जुलाई माह के दूसरे सप्ताह में प्रस्तावित है। कॉलेज में संसाधन फैकल्टी व स्टाफ के मानकों की जांच के लिए एनएमसी की टीम ऑनलाइन निरीक्षण भी कर चुकी है।
अब बुधवार को एनएमसी की टीम, चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण की महानिदेशक व प्रधानाचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने के साथ वर्चुअल सुनवाई करेगी। इस सुनवाई में मेडिकल कॉलेज की ओर से दिए गए घोषणा पत्र के अनुसार संकाय सदस्यों के आधार आधारित हाजिरी ( एईबीएएस), संकाय सदस्यों की स्थिति, विभिन्न चिकित्सीय मानक व मूलभूत सुविधाओं को परखा जाएगा। यदि सब कुछ मानक के अनुरूप मिला तो मेडिकल कॉलेज को 100 सीटों पर दूसरे बैच के प्रवेश की अनुमति मिल सकती है। साथ ही सीटों की बढ़ोत्तरी पर भी विचार किया जा सकता है।
प्राचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि दूसरे बैच को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। बुधवार को एनएमसी की वर्चुअल सुनवाई होगी। इसमें बाद ही दूसरे बैच के प्रवेश को लेकर अनुमति मिल सकेगी।