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शिक्षकों के साथ ही अनुदेशक, शिक्षामित्र भी प्रेरणा एप से जुड़ेंगे

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गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रेरणा ऐप से परिषदीय स्कूलों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी के साथ ही शिक्षक उपस्थिति में अब शिक्षामित्र और अनुदेशकों को भी शामिल किया गया है। सोमवार को एनआईसी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रेरणा ऐप के संचालन के लिए सभी कार्रवाई पूरी किए जाने के तैयारी की समीक्षा हुई। हर हाल में सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों का डाटा ऑनलाइन फीड किए जाने की कार्रवाई दो दिनों में पूरा करने की हिदायत दी है। अब प्रेरणा ऐप से बेसिक शिक्षा विभाग के करीब दस हजार कर्मियों को जोड़ा जाएगा। विभाग भी तैयारी में जुटा है, बीएसए मनिराम सिंह ने हर ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ ही एक-एक एनपीआरसी और एक एबीआरसी की बैठक मंगलवार को बुलाई है।
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शिक्षक संगठनों के आंदोलनों को दरकिनार करते हुए विभाग प्रेरणा एप को लागू कराने की तैयारी में जुट गया है। जिले के करीब 8 हजार शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मियों के डाटा फीडिंग की डिटेल मांगी गई है। इसके साथ ही शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का भी ब्यौरा फीड करना है। प्रेरणा ऐप को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। एप सिर्फ शिक्षकों की उपस्थिति तक ही सीमित नहीं है, इसके साथ ही एमडीएम में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदम में एक है। पहली अक्तूबर से एमडीएम के लिए बजट का आवंटन प्रेरणा ऐप से मिली छात्रों की उपस्थिति के आधार पर होगा। इसके अलावा स्कूलों में संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए योजनाओं के संचालन के कार्य भी होंगे। महिला शिक्षकों के प्रसूता अवकाश व बाल्य देखभाल अवकाश देने की व्यवस्था भी ऐप के माध्यम से ही होगी।
अब बेवजह उनके प्रार्थना पत्रों को स्वीकृत करने से रोका तो दो दिनों में स्वत: ही अवकाश स्वीकृति हो जाएगा। इसके अलावा मेडिकल अवकाश भी अब आन लाइन ही स्वीकृत होंगे। पहली अक्तूबर से परंपरागत तरीके से हो रही अवकाश की स्वीकृति बंद हो जाएगी और फिर आन लाइन ही अवकाश स्वीकृत होंगे। इससे खंड शिक्षा अधिकारियों और बीएसए दफ्तर की मनमानी पर अंकुश लगेगा। इसके बाद भी शिक्षक प्रेरणा ऐप को गलत बता रहे हैं और डाटा लीक होने से इसे स्वीकार करने में पीछे हट रहे हैं। फिलहाल विभाग हर हाल में एप की व्यवस्था लागू कराने के लिए तैयारी कर रहा है।
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233 समन्वयक प्रेरणा एप को लागू कराने में जुटेंगे
सितंबर में शिक्षकों को प्रेरणा एप से जोड़ने के लिए सभी 166 न्याय पंचायत समन्वक और 67 सह समन्वयकों को प्रशिक्षित कर प्रेरणा एप लागू कराने के लिए लगाया जाएगा। शिक्षकों को एप लोड़ करने और आ रही दिक्कतों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। जिससे एप लोड़ कर सकें और हर तरह की जानकारी लोड कर सकें। शिक्षिकाओं को सेल्फी स्वयं करने की इजाजत दी गई है जिससे उन्हें कोई दिक्कत न हो।
शिक्षक संगठनों ने भी कसी कमर 4 से करेंगे आंदोलन
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघों ने आंदोलन की रणनीति तैयार की है। जिलाध्यक्ष विनय तिवारी ने सभी ब्लाक पदाधिकारियों को आंदोलन की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कहा कि पोर्टल से शिक्षकों को जोड़ना गलत है। अपराधियों की तरह व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलामंत्री उमा शंकर सिंह ने कहा कि प्रेरणा एप किसी कीमत पर स्वीकार नहीं है। पदाधिकारियों अवधेश त्रिपाठी, बलवंत सिंह, डा. अखिलेश शुक्ल आदि ने कहा कि डाटा लीक होने से सभी को तरह तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
प्रेरणा एप लागू करने के लिए समन्वयकों और खंड शिक्षा अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। सभी बीईओ डाटा फीडिंग 4 सितंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रेरणा एप शिक्षकों के हित में हैं। -मनिराम सिंह, बीएसए
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