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मनरेगा घोटाले में मृत्यु प्रमाण पत्र बदलने की तैयारी

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गोंडा। जिले के मुजेहना ब्लॉक में मनरेगा श्रमिक की मौत के तीन दिन बाद तक उससे काम कराए जाने के खुलासे के बाद अफसर दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय पूरे घोटाले को ही दबाने में जुट गए हैं। इस मामले में अब मृतक श्रमिक का डेथ सर्टिफिकेट बदलने की तैयारी की जा रही है।
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मुजेहना ब्लॉक के ग्राम पंचायत कौरहे मे क्षेत्र पंचायत से कराए गए मिट्टी पटाई के कार्य में तीन दिन तक मृतक से काम कराए जाने का । इसके तहत ब्लॉक की एक अन्य ग्राम पंचायत बैजपुर के रहने वाले शमीम दर्जी नाम के मनरेगा श्रमिक को 10 अप्रैल से 25 अप्रैल तक मिट्टी पटाई का काम कराया जाना दर्शाया गया था। जबकि 23 अप्रैल को शमीम की मौत हो चुकी थी।
मृतक सर्टिफिकेट भी ब्लॉक के ग्राम पंचायत अधिकारी की तरफ से जारी किया जा चुका है। बावजूद इसके जिम्मेदार लोगों ने न सिर्फ उसकी हाजिरी प्रमाणित की बल्कि उसे मजदूरी का भुगतान भी कर दिया गया। सूत्रों की मानें तो अब इस घोटाले को दबाने के लिए मृतक श्रमिक शमीम दर्जी के डेथ सर्टिफिकेट को बदलने की तैयारी है। शुक्रवार को ब्लॉक मुख्यालय पर क्षेत्र पंचायत के मनरेगा कार्य प्रभारी व लघु सिंचाई के अवर अभियंता से लेकर दोनों गांवों के ग्राम रोजगार सेवक, ग्राम प्रधान, ठेकेदार, बैजपुर के पूर्व प्रधान व मृतक शमीम के परिजन तलब रहे।
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मनरेगा घोटाले से जुड़े लोग मृतक श्रमिक के परिजनों पर उसका डेथ सर्टिफिकेट बदलवाने का दबाव बना रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसके लिए उन्हें कुछ प्रलोभन देकर उनसे इस आशय का शपथ पत्र मांगा जा रहा है कि शमीम की मौत 23 अप्रैल को नहीं बल्कि 29 अप्रैल को हुई है। इसी तारीख में डेथ सर्टिफिकेट जारी कराने की साजिश रची जा रही है। इस संबंध में बीडीओ मनरेगा का काम देख रहे उपायुक्त श्रम एवं रोजगार हरिश्चंद्र राम प्रजापति का कहना है कि उन्हें इस तरह की कोई जानकारी नहीं है। जल्द ही इस मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों को खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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