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पहले चरण में 10वीं व 12वीं के छात्रों को स्कूल बुलाने की तैयारी

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गोंडा। प्रदेश सरकार की ओर से कोविड- 19 में अनलॉक-5 की गाइडलाइन में अभिभावकों की सहमति से स्थानीय प्रशासन को स्कूलों को खोलने की व्यवस्था बनाने की छूट दी गई है। जिलाधिकारी डॉ. नितिन बसंल ने भी विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके बाद स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर आने की उम्मीद बढ़ गई है।
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माना जा रहा है कि ऑनलाइन शिक्षा की व्यवस्था तो बनाई गई है, लेकिन अभी कई तरह की दिक्कतों से वह पूरी तरह सफल नहीं हो पा रही है। स्कूल संचालकों ने स्कूलों में पहले चरण में 10वीं व 12वीं कक्षा के छात्रों की ही शिक्षण कार्य कराने की रणनीति तैयार किया है और इसके लिए अभिभावकों से सहमति लिए जाने की पहल हो रही है।
बीते माह मार्च से जिले के इंटर कालेज स्तर के करीब 770 स्कूलों में पढ़ाई बंद है और ऑनलाइन पढ़ाई करने का प्रयास जुलाई-अगस्त से हो रहा है। इस व्यवस्था से हाईस्कूल व इंटर के डेढ़ लाख बच्चों में सिर्फ 60 फीसदी ही जुड़ पाए हैं ऐसे में काफी बच्चे पढ़ाई से वंचित हैं। हाईस्कूल व इंटर की बात करें तो इसी में 90 हजार के करीब बच्चे यूपी बोर्ड व सीबीएसई बोर्ड के बच्चे शामिल हैं जिसमें 50 हजार से अधिक बच्चे तो मोबाइल ही न होने से पढ़ाई से सीधे नहीं जुड़ पा रहे हैं।
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अनलॉक-5 में स्कूलों को व्यवस्थित और सतर्कता के साथ संचालित करने के लिए छूट दी गई है लेकिन बिना अभिभावकों की सहमति के बच्चों को स्कूल नहीं बुलाए जाना है। इसका निर्णय स्कूलों के संचालकों ने लिया है। इसके साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था को लागू रखेंगे और इसके लिए बच्चों को प्रेरित भी करते रहेंगे। 10वीं व 12वीं की पढ़ाई बोर्ड परीक्षा होने के कारण कक्षों में कराए जाने की जरूरत बताई जा रही है, जिससे बच्चों को परीक्षा की तैयारी अच्छे ढंग से कराई जा सके। स्कूलों के संचालकों का कहना है कि बोर्ड वाली परीक्षाओं के बच्चों को उनकी सहूलियत को देखते हुए बेहतर व्यवस्था के साथ बुलाया जाएगा।
बच्चों को कोविड नियमों के तहत शिक्षा देने पर होगा अमल
जिले के फातिमा कॉलेज के प्रधानाचार्य पाल कोरया ने कहा कि कोविड नियमों का पालन करते हुए ही शिक्षा की व्यवस्था किए जाने की तैयारी की जा रही है। लेकिन सबसे जरूरी है कि बच्चों के अभिभावक इसके लिए सहमति दें। उन्होंने विश्वास दिया कि कॉलेज में बच्चों के बैठने की व्यवस्था ऐसी होगी कि दो गज की दूरी भी रहे और मास्क अनिवार्य रहेगा। इसके अलावा सफाई और अन्य सुविधाएं पहले से ही हैं, अब कक्षा 10 व 12 के बच्चों को बुलाने के लिए अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है। उन्हें व्हाट्सएप व मैसेज से जानकारी भेजी जा रही है और सहमति पर ही आगे कोई योजना तैयार करेंगे।
बच्चों को बोर्ड की परीक्षाओं के लिए तैयार करना जरूरी है
रघुकुल विद्यापीठ के परीक्षा प्रभारी निशांत श्रीवास्तव कहते हैं कि कक्षा 10 व 12 के बच्चों की परीक्षा बोर्ड की होनी है। इसके लिए उन्हें तैयार किया जाना जरूरी है। अनलॉक -5 में जो भी नियम तय किए गए हैं उनका पूरा पालन करने के लिए कालेज पहले से तैयार हैं। कालेज में पर्याप्त कमरे और शिक्षक हैं। हर कमरे में 10 से 20 बच्चों को दूर-दूर बैठाकर शिक्षा देने में स्कूल सक्षम है। प्रशासन से सलाह लेने के साथ ही अभिभावकों की सहमति से जल्द ही बच्चों को स्कूल बुलाने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही आनलाइन पढ़ाई जारी रखी जा रही है। जिससे बच्चों को कोई दिक्कत न होने पाए।
यूपी बोर्ड के कालेजों में नई व्यवस्था से शिक्षा देने की तैयारी
शहर के श्रीगांधी विद्यालय इंटर कालेज रेलवे कालोनी के प्रधानाचार्य कैप्टन राजेश द्विवेदी ने कहा कि अभी शासन की ओर से अनलाक - 5 की गाइड लाइन जारी हुई है। विभाग की ओर से कोई निर्देश नहीं मिले हैं, उसका इंतजार किया जा रहा है। बोर्ड परीक्षाओं के लिए बच्चों को तैयार किया जाना जरूरी है। स्कूलों में पूरे नियमों का पालन करते हुए पढ़ाई शुरू की जा सकती है, भले ही समय कम ही दिया जाए। लेकिन तैयारी की जा रही है, जिससे निर्देश मिलते ही पढ़ाई शुरू कर दी जाए।
गाइडलाइन के तहत रणनीति बनायें कॉलेज
प्रदेश सरकार की ओर कोविड़- 19 के अनलॉक -5 की गाइडलाइन जारी कर दी गई है। स्कूलों में पढ़ाई अभिभावकों की सहमति से ही शुरू की जानी है। इसके लिए कॉलेज अपने स्तर से अभिभावकों से संपर्क कर रणनीति तैयार करें। बच्चों को किसी तरह से दिक्कत न हो।
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-डॉ. नितिन बसंल, जिलाधिकारी
स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है, नई गाइडलाइन के आधार पर कॉलेज स्तर पर विभाग के निर्देशों के तहत कार्य योजना तैयार कर पढ़ाई शुरू कराई जाएगी।
-अनूप कुुमार, डीआईओएस
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