गोंडा। पंचायत राज विभाग ने 81 करोड़ से विकास का खाका खींचा है। 14 वें वित्त आयोग के बजट से स्कूलों को संवारने के साथ ही 800 ऐसे गांवों में विकास की किरण पहुंचेगी, जहां अभी तक विकास कार्य नहीं हुए हैं। कई नई बस्तियां विकास से अछूती हैं। अब वहां सड़क, नाली और शोक पिट के निर्माण होंगे। स्कूलों में टाइल्स, शौचालय के कार्य होंगे। पहले से शुरु हुए कार्यों को पूरा कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पहली प्राथमिकता में स्कूलों को शामिल किया गया है। स्कूलों को बच्चों की सुविधाओं से जुड़ी कई नई परियोजनाओं की सौगात भी मिलेगी।
जिले के 3139 परिषदीय स्कूलों की सूरत बदलने की पहल पंचायत राज विभाग बीते दो सालों से कर रहा है। 500 से अधिक स्कूलों में चाइल्ड़ फ्रेंडली शौचालयों के निर्माण के साथ ही 1200 से अधिक स्कूलों के दो कमरों को टाइल्स की सौगात दी है। इसके अलावा 200 से अधिक स्कूलों में बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही कई स्कूलों में अन्य कार्य भी हुए हैं। अब नए सिरे स्कूलों में कार्य कराए जाने की योजना बनी है।
बताया जा रहा है कि करीब 1000 स्कूलों को संवारने की पहल हो रही है। यहां के कमरों में टाइल्स तो लगाए ही जाएंगे, स्कूल भवनों की मरम्मत भी होगी। बच्चों की सुविधा को देखते हुए हैंडवाश की सुविधा दिए जाने के लिए भी इस बार खाका खींचा गया है। स्कूलों की चारदीवारी देने के साथ ही शौचालयों का निर्माण प्राथमिकता पर होगा। 1054 पंचायतों से स्कूलों की परियोजनाओं को शामिल करने के साथ ही ऐसे गावों को चिह्नित करके विकास कार्य कराने की पहल हुई है जहां पर पहले विकास के कार्य नही हुए हैं। ऐसे गावों को भी शामिल किया जा रहा है जो जल्द ही बसें हों और विकास से अछूते रहे हैं। इनके विकास कार्य पर 14 वें वित्त से 81 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। मार्च 2020 तक कार्य पूरे होंगे।
पंचायतों को विकास कार्यों को प्राथमिकता से शुरू कराने पर जोर दिया गया है। स्कूलों की परियोजनाओं को शामिल किया गया है। इससे स्कूल का वातावरण बेहतर होगा और बच्चों का जुड़ाव बढ़ेगा। पंचायतें पूरा सहयोग कर रही हैं, जहां से परियोजना नही तैयार हो पाई वहां सचिवों को लगाया गया है। -धनश्याम सागर, डीपीआरओ