बालपुर (गोंडा)। सीएचसी हलधरमऊ में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां डॉक्टरों ने गर्भवती की नसबंदी कर दी। कुछ दिनों बाद महिला की हालत बिगड़ गई तो सीएचसी के चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिए। परिजनों ने महिला को निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां ऑपरेशन कर महिला की जान बचाई गई। परिजनों ने कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
करनैलगंज के पड़रिया मर्दन सिंह पुरवा निवासी कंधई लाल ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि पत्नी रूमा गर्भवती थीं मगर इसकी जानकारी नहीं थी। चौरी गांव की आशा अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए रूमा को नसबंदी कराने के लिए हलधरमऊ सीएचसी ले गई। वहां 17 फरवरी को बिना कोई जांच किए ही रूमा की नसबंदी कर दी गई।
कुछ दिन बाद रूमा की तबीयत खराब रहने लगी। एक दिन अचानक हालत बिगड़ गई तो हलधरमऊ सीएचसी ले गए। जहां चिकित्सकों ने इलाज से हाथ खड़े कर दिए। नसबंदी की रिपोर्ट 90 दिन बाद मिलने की बात कहकर टालमटोल करने लगे। रूमा को मुख्यालय के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां ऑपरेशन के बाद रूमा की जान बच सकी।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. संत प्रताप वर्मा ने बताया कि बिना जांच के ऑपरेशन नहीं किया जाता है। प्रकरण की जांच कराई जाएगी। दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। (संवाद)