गोंडा। मिर्जापुर में जल संरक्षण और जल प्रबंधन को लेकर शुरू की गई अभिनव मुहिम के लिए वर्तमान में गोंडा की जिलाधिकारी और मिर्जापुर की पूर्व डीएम प्रियंका निरंजन को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मंगलवार को जलशक्ति मंत्रालय सम्मानित करेगा। यह सम्मान उन्हें जलभागीदारी 1.0 अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन और भूजल स्तर सुधार के उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया जा रहा है।
मिर्जापुर जिले को उनकी अगुवाई में दो श्रेणियों में प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है। प्रियंका निरंजन ने मिर्जापुर में जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया। जिले के 12 विकासखंडों में से छह ब्लॉक गंभीर जल संकट से प्रभावित थे, जबकि एक ब्लॉक डार्क जोन घोषित था।
नदी पुनर्जीवन से मिला जीवनदान
प्रियंका निरंजन ने पदस्थापन के दौरान जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की दिशा में काम किया। सबसे बड़ा प्रयास रहा लोहांदी नदी का पुनर्जीवन, जिसकी 15 किमी लंबाई में से 11 किमी हिस्सा मनरेगा के तहत पुनर्जीवित किया गया। शेष भाग को ग्रामीणों की भागीदारी से पुनर्स्थापित किया गया। नदी को छह मीटर से बढ़ाकर आठ मीटर चौड़ा किया गया। नदी तटों को सुरक्षित करने के लिए 94 हजार पौधे लगाए गए। 88 परकोलेशन टैंक बनाए गए, जिनसे भूजल स्तर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई। इस प्रयास से 11 ग्राम पंचायतों के करीब 31 हजार लोगों को लाभ मिला।
गरई व खजुरी नदी को भी किया पुनर्जीवित
सिंचाई विभाग की अगुवाई में 22.2 किमी लंबी गरई नदी का संपूर्ण पुनर्जीवन कराया गया। इससे 15 ग्राम पंचायतों को लाभ मिला और सिंचाई व पेयजल उपलब्धता में सुधार हुआ। 2,146 तालाबों और जल स्रोतों का पुनर्जीवन, 1,018 वर्षा जल संचयन संरचनाएं, 2,615 सोखता गड्ढे सहित अन्य काम कराए गए। खजुरी नदी के पुनर्जीवन को लेकर भी प्रयास किए गए।