गोंडा। कोयली जंगल गांव में पूर्व कमांडो आनंद कुमार यादव, चचेरे भाई दशरथ लाल यादव व किशन लाल यादव पर हुए जानलेवा हमले में आरोपी और प्रधान के बेटे अंकुर सिंह को पुलिस ने सोमवार को गांव के हतवा पुरवा के पास से गिरफ्तार किया है। वहीं छह अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
कोयली जंगल में अगस्त में दोनों पक्षों में बीच वर्चस्व की लड़ाई की नींव पड़ गई थी। रविवार को दो पक्षों के विवाद की पंचायत के दौरान तीसरे के दखल को लेकर दोनों पक्षों के लोग पंचायत में भिड़ गए, लेकिन बीच बचाव कर मामला शांत करा दिया था। लेकिन भरी पंचायत में विरोध की खुन्नस से हमले की वारदात हो गई। देहात कोतवाल संजय सिंह ने बताया कि आरोपी को चौकी प्रभारी खोरहंसा एवं मुकदमे के विवेचक वीरपाल सिंह ने गिरफ्तार कर लिया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
पुलिस के अनुसार यह थी विवाद की वजह
कोतवाल के मुताबिक शुक्लन पुरवा निवासी विजय तिवारी का पड़ोसी से जमीन का विवाद था। इसमें रामकुमार यादव विजय के पड़ोसी मदद कर रहे थे। यहीं से दोनों के बीच मनमुटाव हो गया। तीन माह पहले अगस्त में रामकुमार ने विजय के करीबी पिंटू की पिटाई कर दी थी, इसके बाद पिंटू लापता हो गया था। पिंटू के पिता ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
यहीं से रामकुमार और विजय के बीच रंजिश की चिंगारी सुलगने लगी थी। इसी दौरान रामकुमार यादव ने विजय तिवारी के खिलाफ 156 (3) के तहत मुकदमा कायम कराने के लिए न्यायालय में याचिका दायर कर दी। इसके बाद विजय और रामकुमार आपस में समझौता करने पर राजी हो गए। इसी की पंचायत में रामकुमार ने पूर्व सैनिक आनंद यादव को और विजय ने भगवान शंकर सिंह उर्फ उत्तम को बुला लिया। पूर्व कमांडो आनंद जब अपने चाचा और अन्य लोगों के साथ पंचायत में पहुंचे तो उन्हें देखते ही विजय ने विरोध जताया कि दोनों के बीच की पंचायत में तीसरे को बुलाने की जरूरत नहीं थी। इसी बात पर उत्तम और रामकुमार के बीच गाली-गलौज हो गई, लेकिन लोगों ने बीच बचाव कर मामला शांत करा दिया था।