धानेपुर (गोंडा)। एक सप्ताह से लगातार हो रही बरसात ने पूरे सिधारी गांव में जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। पूरे सिधारी गांव के मजरे ब्रह्मचारी कुट्टी में कई घरों में पानी घुस गया है। यहां पर बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। रविवार को दर्जनों ग्रामीणों ने जलनिकासी की व्यवस्था न होने पर नाराजगी जताई और प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार जिम्मेदार लोगों से गांव में नाली निर्माण की मांग की गई पर कोई सुनवाई नहीं हुई। समस्या के चलते गांव के लोगों को अपने घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।
मुजेहना ब्लाक की ग्राम पंचायत पूरे सिधारी में मजरे ब्रम्हचारी कुट्टी में करीब 70 परिवार रहते हैं। गांव में जलनिकासी की व्यवस्था न होने से यहां के लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही मूसलाधार बरसात से यहां के हालात और भी खराब हो गए हैं। रविवार को गांव के बाहर स्थित तालाब पानी से लबालब भर गया और पानी लोगों के घरों में घुस गया। गांव के राजेश, लल्लन, सियाराम, चन्द्रकान्त, बेचन, ननके, दशरथ, मायावती करीब एक दर्जन लोगों की गृहस्थी पूरी तरह से पानी में डूब गई है। गांव के लोगों का कहना है कि जलनिकासी की व्यवस्था न होने से लोगों के घरों का पानी सड़क और गलियों में बहता है।
गांव के किनारे एक तालाब है। अधिकतर घरों का पानी इसी तालाब में जाकर गिरता है। घरों का पानी सड़क पर बहने से गंदगी का साम्राज्य रहता है। बरसात के मौसम में हालत और भी खराब हो जाती है। पिछले दिनों से हो रही बरसात के चलते तालाब भर गया है और रविवार को तालाब का पानी उनके घरों में घुस गया। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार ग्राम प्रधान से नाली निर्माण कराने की मांग की लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।
नाराज लोगों ने रविवार को प्रदर्शन किया और नाली निर्माण कराए जाने की मांग की है। गांव के ग्राम प्रधान सूर्यपाल पांडेय का कहना है कि पूर्व प्रधान के द्वेषवश इस मजरे में नाली निर्माण नहीं कराया जिसके वजह से यह समस्या है। जल्द ही गांव में नाली का निर्माण कराकर समस्या दूर कराई जायेगी।