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कार्य बहिष्कार कर बिजली कर्मचारियों ने दिया धरना

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गोंडा। पूर्वांचल विद्युत निगम लिमिटेड के निजीकरण के विरोध में सोमवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त समिति के बैनर तले बिजली कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर मुख्य अभियंता कार्यालय के सामने धरना दिया।
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धरने की अध्यक्षता ओपी राम तथा संचालन रत्नेश कुमार गुप्ता ने की। बैठक को संबोधित करते हुये अवर अभियंता अवनीश पांडेय ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण किया जाना बिल्कुल भी बिजली कर्मचारियों व जनता के हित में नहीं है। सरकार के तानाशाही रवैये से बिजली कर्मचारी बहुत ही आहत हैं। सतीश गुप्ता ने कहा कि जब तक सरकार निजीकरण का फैसला वापस नहीं लेती प्रदर्शन जारी रहेगा।
अधिशासी अभियंता वेंकटरमन ने कहा कि ऊर्जा प्रबंधन के अड़ियल रवैये के चलते संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा की गई वार्ता विफल रही। राकेश यादव ने कहा कि विद्युत कर्मचारियों के आंदोलन को पूरे देश के ऊर्जा कर्मियों व इंजीनियरों का समर्थन मिल रहा है। प्रदर्शन में अधिशासी अभियंता योगेंद्र कुमार चतुर्वेदी, बीएल सिंह, विष्णु दयाल यादव, एसके साहू, उदय प्रताप, बिंदू सिंह आदि उपस्थित रहे।
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25 हजार उपभोक्ताओं की आपूर्ति रही बाधित
बिजली कर्मचारियों के सामूहिक कार्य बहिष्कार से जिलाधिकारी कार्यालय सहित दर्जनों फीडरों की विद्युत आपूर्ति बाधित रही। बिजली कर्मचारियों ने बताया कि विद्युत उपकेंद्र घारीघाट के चंद्रदीप फीडर, धानेपुर उपकेंद्र के बाबागंज फीडर, करनैलगंज उपकेंद्र के परसपुर फीडर के ब्रेकडाउन होने से करीब 25 हजार उपभोक्ताओं को कई घंटो तक बिजली नहीं मिल पाई। वहीं कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार करने से जिले में 30 से अधिक जले ट्रांसफार्मरों को नहीं बदला जा सका।
हड़ताल में शामिल हुए छह कर्मी
खरगूपुर (गोंडा)। बिजली कर्मियों की आरे सोमवार से शुरू हुई हड़ताल में खरगूपुर विद्युत केंद्र पर आज अवर अभियंता बालकृष्ण प्रजापति सहित छह कर्मचारी शामिल रहे। विद्युत उपकेंद्र से खरगूपुर नगर सहित चार फीडर पर हड़ताल के बावजूद विद्युत की आपूर्ति जारी रही। बताया जाता है कि आपूर्ति के दौरान लाइन में आने वाली खराबी उत्पन्न होने पर बिजली की आपूर्ति ठप हो सकती है। क्योंकि किसी भी प्रकार की विद्युत सप्लाई में अवरोध उत्पन्न होने पर संविदा पर कार्यरत बिजली कर्मी को शटडाउन नहीं मिल पाएगा। जिसके चलते खराबी उत्पन्न होने पर लाइन दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाएगी।
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