सूबे में बिजली की उपलब्धता को और अधिक बेहतर किए जाने के लिए पावर कारॅपोरेशन महकमा जिले में 500 मेगावाट के दो पावर प्लांटों की स्थापना पर विचार कर रहा है। इसके लिए उसने मंडल में जमीन की तलाश भी शुरू कर दी है।
ऊर्जा राज्यमंत्री याशर शाह का कहना है कि अगर उन्हें मंडल के चार जिलों में कहीं भी पावर प्लांट लगाने के लिए जमीन मिल जाती है, तो वह इस दिशा में अपने स्तर से इसके प्रस्ताव को उप्र शासन में पास कराने से लेकर इसे भारत सरकार को भेजकर वहां से स्वीकृति दिलाने का भरपूर प्रयास करेंगे।
छह साल पहले वर्ष 2009 में कांग्रेस की सरकार केंद्र में बनने के बाद जिले में 500-500 मेगावाट के दो पावर प्लांट लगाने का आश्वासन संसदीय क्षेत्र गोंडा के सांसद बेनीप्रसाद वर्मा ने यहां के लोगों को दिया था। इसके लिए उन्होंने इस्पात मंत्रालय से इसका सर्वे भी कराया, लेकिन सरकार के कार्यकाल के पूरे पांच साल बीत जाने के बाद भी वह इस दिशा में कुछ नहीं कर पाए।
अब इसी दिशा में पावर कॉरपोरेशन महकमे की ओर से जमीन की तलाश सभी चार जिलों में की जा रही है। ताकि जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित होने के बाद पावर कॉरपोरेशन इसके प्रस्ताव को एक अहम मुद्दा बनाकर इसे उप्र शासन के साथ ही भारत सरकार को भेज सके।
ऊर्जा राज्यमंत्री याशर शाह की मानें तो वह मंडल के लोगों से किसी प्रकार का कोई झूठा वादा नहीं करना चाहते हैं। इसलिए पहले वह पावर प्लांट लगाने के लिए जमीन की तलाश करवा रहे हैं। अगर जमीन उन्हें मिल जाती है तो वह इसका प्रस्ताव तैयार करवाकर इसकी पैरवी अपने स्तर से शुरू कर देंगे।
क्योंकि केवल जमीन मिल जाने से ही पावर प्लांट नहीं लग जाएगा। इसके लिए भारत सरकार को फिजबिलटी रिपोर्ट देने से लेकर इसके एमओयू को साइन कराने और कई बड़े मंत्रालयों से इसकी स्वीकृति लेना भी मुख्य होगा। इसके लिए वह हर संभव प्रयास करने से पीछे नहीं हटेंगे।