गोंडा। मेडिकल कॉलेज स्थित आरडीसी (रीजनल डायग्नोस्टिक सेंटर) में बुधवार दोपहर बिजली गुल होने से स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गईं। दोपहर करीब डेढ़ बजे बिजली जाने के बाद पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी समेत सभी जांच कार्य ठप हो गए, जिससे 125 मरीजों की रिपोर्ट अटक गई और इलाज प्रभावित हो गया।
क्षेत्रीय निदान केंद्र में एक्सरे, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी जांच और क्षय रोग से संबंधित लैब सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं। सुबह से मरीज डॉक्टरों को दिखाकर जांच के लिए सैंपल दे चुके थे और रिपोर्ट का इंतजार कर रहे थे।
दोपहर बाद जैसे ही सैंपल की जांच प्रक्रिया शुरू हुई, अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इसके बाद न तो जांच आगे बढ़ सकी और न ही रिपोर्ट तैयार हो पाई। शाम छह बजे तक स्थिति जस की तस बनी रही, जिससे मरीजों को बिना रिपोर्ट के ही वापस लौटना पड़ा।
कर्मचारियों ने बताया कि बिजली जाने के बाद उन्होंने सीएमएस और प्राचार्य को सूचना दी, लेकिन न तो समय पर बिजली बहाल हो सकी और न ही जनरेटर चालू किया गया। यहां पर जनरेटर को कनेक्शन न होने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने कहा कि समस्या संज्ञान में आई है। समाधान के लिए प्रधानाचार्य से वार्ता की गई है। प्रयास किया जा रहा है।
मरीजों ने उठाए सवाल
इलाज कराने आए तरबगंज के राम सुमिरन, करनैलगंज के प्रशांत का कहना है कि मेडिकल कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में वैकल्पिक बिजली व्यवस्था न होना गंभीर लापरवाही है, जिससे इलाज के लिए आए मरीजों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।