गोंडा। देवीपाटन जोन के जिलों में एयर कंडीशनर (एसी) व इंडेक्शन चूल्हों के उपयोग ने बिजली आपूर्ति की व्यवस्था बिगाड़ दी है। सोमवार को विद्युत मांग रिकॉर्ड स्तर 895 एमवीए (मेगावोल्ट एम्पीयर) तक पहुंच गई। ऐसे में जगह-जगह ट्रांसफार्मर फुंक गए तो उपभोक्ताओं को समस्या के समाधान के लिए परेशान होना पड़ा।
अधिकारियों ने बताया कि अप्रैल माह में जिले में 800 एमवीए से कम विद्युत आपूर्ति की मांग दर्ज की गई थी। ये मांग मई महीने में 845 एमवीए तक पहुंच गई थी। मगर सोमवार को अब तक के सारे रिकॉर्ड ही टूट गए। एक दिन में 895 एमवीए बिजली की खपत हुई है। यह अब तक का सबसे अधिक है। उन्होंने बताया कि यह वृद्धि डीजल, पेट्रोल और गैस की किल्लत के कारण हुई है। घरों में इंडेक्शन व एयर कंडीशनर का उपयोग बढ़ा है। इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। इन्हीं कारणों से बिजली की खपत बढ़ने से ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर फुंक रहे हैं। केबल भी जल रहे हैं। मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि सोमवार को गोंडा में 342, बहराइच में 343, बलरामपुर में 166 और श्रावस्ती में 44 एमवीए बिजली की मांग रही।
उपभोक्ताओं से बिजली बचाने की अपील
मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने उपभोक्ताओं से जनहित में बिजली बचाने की अपील की है। उनका कहना है कि भीषण गर्मी में इलेक्ट्रिक उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से विद्युत वितरण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। इस स्थिति से निपटने के लिए सभी के सहयोग की आवश्यकता है। बिजली की बचत करके ही आपूर्ति को सामान्य रखा जा सकता है।