गोंडा। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नो सिंगल यूज प्लास्टिक का आह्वान किया है तो यहां जिले भर में इस अभियान में पॉलिथीन बेचने व प्रयोग करने वाले अड़ंगा बने हुए हैं। नियम-कानून ताक पर रख शहर में हर दुकान पर इसका प्रयोग किया जा रहा है। पॉलिथीन सड़क से लेकर कचरे के ढेर तक में धड़ल्ले से दिख रही है। दुकानों पर भी धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। कहीं किसी प्रकार का प्रतिबंध यहां नहीं दिख रहा है। 15 जुलाई को प्रदेेश में प्लास्टिक की बिक्री व प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग गया है। लेकिन दो-चार दिनों तक चले अभियान के बाद फिर उसी ढर्रे पर बिक्री व प्रयोग होने लगा है। पेश है रोहित तिवारी की रिपोर्ट-
आदत से बाज नहीं आ रहे ग्राहक
शहर के पीपल चौराहे पर सब्जी, फल और किराना की दुकानें लगी हुई हैं। ग्राहक दुकानों से सामान खरीद रहे थे और दुकानदार सामान को झोले के बजाय पॉलिथीन में दे रहा था। दुकानदार अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं और ग्राहक सामान पॉलिथीन में लेकर घर जा रहे हैं। एक ग्राहक से इस संबंध में पूछा गया तो उसने कहा कि दुकानदार से झोला मांगने पर नहीं मिलता है। मजबूरी में सामान पॉलिथीन में ले जाना पड़ता है।
खुलेआम हो रहा इस्तेमाल, कोई नहीं दे रहा ध्यान
शहर में खुलेआम पॉलिथीन में दुकानदार सामान बेच रहे हैं। शहर के रानीबाजार, ठठेरी बाजार, एकता चौराहा, चौक बाजार, ईदगाह मार्केट, बड़गांव पुलिस चौकी चौराहा और नवीन फल मंडी और सब्जी में धड़ल्ले से नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। प्रशासन और नपाप के दावे झूठे साबित हो रहे हैं। शहर में किसी प्रकार को लेकर कोई रोकथाम नहीं है।
नपाप ने पॉलिथीन हटाने का दावा हवा हवाईं
15 जुलाई 2018 को प्रदेश में प्लास्टिक हटाओ अभियान की शुरुआत हुई थी। आननफानन शासन को दिखाने के लिए एक-दो जगह छापा मारने की कार्रवाई भी गई लेकिन इसमें कुछ विशेष हाथ नहीं लगा। कुछ लोगों का चालान भी किया गया। फिर भी दुकानदार सुधरने का नाम का नाम नहीं ले रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के मौके पर वन टाइम यूज पॉलिथीन वैन करने का अभियान चलाने के लिए जिले के प्रभारी मंत्री सिर्द्धाथ नाथ सिंह ने कार्यक्रम की शुरुआत की थी। पटरी दुकानदारों को झोला बांटकर अभियान को आगे बढ़ाया था। लेकिन नपाप और स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारी दो-चार दिनों से जनजागरण और मीटिंग पर मीटिंग करते रहे, लेकिन पॉलिथीन पर रोक के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
गलियों और सड़क पर पड़े पॉलिथीन को निवाला बना रहे बेजुबान
शहर में सड़क के किनारे लगे कूड़े का ढेर और राह चलते लोगों के द्वारा खाने की सामग्री का प्रयोग करने के बाद फेंक देना छुट्टा पशुओं के लिए घातक साबित हो रहा है। चारे की तलाश में जब पशु इधर-उधर भटकते हैं तब खाद्य पदार्थों का पॉलिथीन में होना उनके मौत का कारण बन जाता है। शहर में लोगों की माने तो गली-गली एक बार यूज का पॉलिथीन फेंक दिया जाता है। वो न सफाई कर्मी उठाता है न ही वो समाप्त हो जाता है। शहर की नालियां इसी पॉलिथीन के कारण आये दिन चोक रहती हैं। जिससे घरों में भर जाता है पानी।
शहरवासियों ने कहा नहीं दिख रहा पाबंदी का असर
शहर में रहने वाली कल्पना ने बताया कि जब से प्लास्टिक पर वैन लगाया गया है। तब से घर में कोई कार्यक्रम के दौरान प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया गया है। सौम्या ने कहा कि पॉलिथीन को लेकर लोगों को जागरूक कर रही हूं। शिल्पी ने बताया कि शहर में सब्जी के ठेले, फल की दुकान और किराना की दुकानों पर पॉलिथीन खुलेआम ग्राहकों को दिया जा रहा है। इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। श्याम अग्रवाल की मानें तो शहर में पॉलिथीन वैन का कोई असर नहीं है। दुकानदार और ग्राहक दोनों अपनी दुकान चला रहे हैं। अजय मित्तल ने बताया कि दो अक्तूबर को गांधी जी की 150 जयंती मनाई जायेगी इसमें पूरे देश में एक साथ पॉलिथीन से मुक्ति को लेकर शपथ ली जाएगी। अनिल मित्तल ने कहा कि किसी भी कार्य को करने के लिए एक कारगर अभियान के तहत काम किया जाये तो शायद इसमें सफलता मिल जाये।
शहर से लेकर गांवों के लोगों की सहभागिता से ही पॉलिथीन पर रोक लगाई जा सकती है। प्लास्टिक और एक बार यूज होने वाली पॉलिथीन मुक्ति का अभियान तेजी से चल रहा है। दो दिन से जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है। -विकास सेन, अधिशासी अधिकारी नपाप
पॉलिथीन अभियान को लेकर सभी निकायों में जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। रैली निकाली जा रही है। कई जगह छापा भी मारा जा रहा है। -मीनाक्षी सिंह, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन
लोगों की सहभागिता से ही पॉलिथीन अभियान को गति मिल पायेगी। प्रयास किया जा रहा है। छापा मारने की कार्रवाई भी की गई है। गांधी जयंती से अभियान में और तेजी आयेगी। -राकेश कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट