गोंडा। जिले में झुग्गी-झोपड़ी और अर्द्धनगरीय क्षेत्र, जहां वाह्य विकास हुआ है, वहां भी मतदेय स्थल बनाया जा सकेगा। खास बात यह है कि नए सिरे से मतदेय स्थल के निर्धारण में मतदाताओं की सहूलियत का ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में सांसद व विधायकों व दलों के पदाधिकारियों के साथ ही अधिकारियों की बैठक होगी।
निर्वाचन आयोग की ओर से 1200 मतदाताओं पर मतदेय स्थल का निर्धारण करने के लिए निर्देश दिए हैं। एडीएम आलोक कुमार ने बताया कि शुक्रवार को सुबह 11:30 बजे जिले के सभी सांसद, विधायक, राजनीतिक दलों के अध्यक्ष व मंत्री को मतदेय स्थलों के निर्धारण के लिए बैठक बुलाई गई है। इस दौरान नए सिरे से मतदेय स्थलों के निर्धारण को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी मो. रजी ने बताया कि जिले के सभी सातों विधानसभा क्षेत्र में 25.52 लाख मतदाता पंजीकृत हैं। करीब 22 साल बाद जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम किया जा रहा है, जहां मौजूदा समय तक जहां मतदाता 1,661 मतदान केंद्रों के 2,726 मतदेय स्थलों पर अपने मताधिकारी का प्रयोग कर रहे थे। नए मानकों के अनुसार मतदान केंद्र व मतदेय स्थलों की संख्या बढ़ सकती है।
अपलोड होगी मतदेय स्थलों की अनंतिम सूची
अधिकारियों ने बताया कि नए सिरे से मतदेय स्थलों का निर्धारण कर जिला निर्वाचन की अधिकारिक वेबसाइट पर सूची अपलोड की जाएगी। इसके बाद आम नागरिकों से मिलने वाले सुझावों पर भी बात की जा सकेगी। इसके साथ ही अगर कोई मतदेय स्थल भवन न होने के कारण मतदान क्षेत्र से बाहर किया गया या अब भवन उपलब्ध हो गया है तो उसे मतदान केंद्र के अंदर स्थित भवन में शिफ्ट किया जाएगा।