गोंडा। कानपुर के बिकरू गांव में डिप्टी एसपी समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर फरार होने वाले गैंगेस्टर विकास दूबे और उसके साथियों से पुलिस ने सबक लिया है। हालांकि बाद में विकास और साथी मारे गए। मगर पुलिस ने इस घटना से अपराधियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। देवीपाटन मंडल देवीपाटन के चारों जनपदों के 64 थानों में 3068 हिस्ट्रीशीटरों की कुंडली खंगालने की पुलिस ने तैयारी की है। इनमें 2896 ए श्रेेणी व 172 बी श्रेणी के हिस्ट्रीशीटर शामिल हैं। इन हिस्ट्रीशीटरों पर शिकंजा कसने के लिए 500 से अधिक दरोगा और डेढ़ हजार सिपाही लगाए गए हैं। हरएक हिस्ट्रीशीटर की मौजूदा स्थिति की पड़ताल होगी। हिस्ट्रीशीटर कहां है और क्या कर रहा है। इसका पूरा ब्यौरा तैयार किया जाएगा। माह में दो बार 15-15 दिनों पर बीट दरोगा व बीट सिपाही हिस्ट्रीशीटर का पूरा ब्यौरा बीट बुक में दर्ज करेंगे।
कम समय धनाढ्य बने लोगों की तैयार होगी सूची
पुलिस ने अपराध से अर्जित कम समय में धनाढ्य बने लोगों पर निगरानी तेज कर दी है। इसके लिए ऐसे लोगों की सूचना तैयार की जाएगी। जिन्होंने कम समय में अकूत संपत्ति बनाई है। उनके आय का श्रोत क्या है। कम समय एकत्र किया गया धन अपराध के श्रोत से तो नहीं आया। इसका पूरा ब्यौरा तैयार किया जाएगा। इसके बाद ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। इसके लिए खुफिया टीम भी लगाई जाएगी।
ये है फर्द अ व ब का मतलब
फर्द अ में हिस्ट्रीशीटर जिस थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वहां से जनपद के दूसरे थाना क्षेत्र या गैर जनपद के किसी थाना क्षेत्र में गया है तो उसकी जानकारी स्थानीय थाने की पुलिस जिस थाना क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर गया है, वहां की पुलिस को भेजेगी। वहां से वापसी के दौरान वहां की पुलिस स्थानीय पुलिस को हिस्ट्रीशीटर के वापसी की जानकारी भेजेगी।
फर्द ब में हिस्ट्रीशीटर जिस थाना क्षेत्र के गांव या मोहल्ले में रह रहा है, उस गांव व मोहल्ले के लोगों से पुलिस हिस्ट्रीशीटर के आने-जाने की एकत्र की गई जानकारी फर्द में दर्ज करेगी।
ये है हिस्ट्रीशीटर की निगरानी का नियम
-बीट सिपाही अपने क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर की निगरानी करेंगे। मगर उसे सोते समय नहीं जगाएंगे। परिवार के लोगों व गांव और मोहल्ले के लोगों से जानकारी करेंगे कि वह घर पर है या नहीं। अगर है तो मौजूदगी और नहीं है। तो नदारद होने की रिपोर्ट बीटबुक में लिखेंगे।
-उप निरीक्षक गांव व मोहल्लों में जाकर जांच करके हिस्ट्रीशीटर की मौजूदगी और नदारद होने की रिपोर्ट फर्द में दर्ज करेंगे। हिस्ट्रीशीटर की जांच करने कब गए और कब वापसी हुई। पूरा खाका फर्द में दर्ज करना होगा।
-गांव व मोहल्ले का पुलिस का चौकीदार भी हिस्ट्रीशीटर के मौजूदगी और नदारद होने की रिपोर्ट थाना प्रभारी को देगा। उसकी पुष्टि के बाद थाना प्रभारी फर्द में दर्ज करेंगे।
-हिस्ट्रीशीटर की मौजूदगी उसके गांव में व घर पर है कि नहीं। वह कहां गया है और कब आएगा। इसका पता न लगने पर हिस्ट्रीशीटरों के गांव के लिंकमार्ग व मोहल्लों के मार्ग पर गाड़ाबंदी करके पुलिस उन्हें पकड़कर आने-जाने के बारे में पूछताछ करके फर्द बनाएगी।
सत्यापन की क्रास चेकिंग करेंगे दूसरे सर्किल के सीओ-थानों की पुलिस अपने थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन करने के बाद हिस्ट्रीशीट रजिस्टर में उसे अंकित करेगी। इसके बाद सत्यापन सही तरीके से किया गया है या नहीं। कहीं थाने पर बैठकर ही तो सत्यापन रिपोर्ट नहीं बना दी गई है। इसकी सच्चाई जानने के लिए दूसरे सर्किल के सीओ सत्यापन की क्रास चेकिंग करेंगे।
देवीपाटन मंडल चारों जनपदों गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती के हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन कराने के निर्देश चारों जनपदों के पुलिस अधीक्षकों को दिए गए हैं। इनमे कितने हिस्ट्रीशीटर सक्रिय हैं। वह अपने घरों में रह रहे हैं कि गैर जनपद चले गए हैं। इनमें कितने हिस्ट्रीशीटर जीवित हैं। सभी का ब्यौरा तलब किया गया है। सत्यापन में लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। कम समय में धनाढ्य बने लोगों के आय का श्रोत भी खंगाला जाएगा। अपराध के श्रोत से धन अर्जित किया गया है तो कार्रवाई होगी। -डॉ. राकेश सिंह, डीआईजी देवीपाटन मंडल