गोंडा। उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की गोंडा शाखा में 21.47 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला गरमा गया है। सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर के कड़े रुख के बाद जांच अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। स्पेशल ऑडिट में हुए खुलासे के बाद शनिवार को बैंक प्रबंधक ने सभी अभिलेख जांच अधिकारी को सौंप दिए। अब पुलिस खाताधारकों को नोटिस भेजकर बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
बैंक के 205 खाताधारकों के खातों में कथित अनियमितताओं की पुष्टि हुई है। जांच अधिकारी अब एक-एक खाते का मिलान कर रहे हैं। बहलोलपुर के शिवेंद्र का कहना है कि उनके खाते से किसी भी प्रकार का पैसा नहीं निकाला गया, लेकिन कर्ज की राशि बढ़ा दी गई। साथ ही एक अन्य मामले में उन्हें जमानतदार बनाया गया, जिसकी जानकारी उन्हें नोटिस मिलने के बाद हुई।
घोटाले में नामजद बालपुर के रितेंद्र पाल सिंह ने बताया कि उन्होंने कुछ साल पहले कर्ज लिया था, जिसे चुका दिया था। करीब डेढ़ साल से वह बैंक नहीं गए। अब मुकदमा दर्ज होने के बाद उन्हें जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि इस मामले में वह अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रखेंगे।