रूस में नौकरी दिलाने के नाम पर देवीपाटन, अयोध्या, बस्ती व गोरखपुर मंडल के 11 जिलों के युवाओं से विवेक करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने के बाद भाग निकला है। युवाओं को जब जालसाजी का पता चला, तो वे बृहस्पतिवार को नगर कोतवाली के उतरौला रोड स्थित नवीन सब्जी मंडी के सामने स्थित हर्ष टावर में चल रहे उसके कार्यालय में पहुंचे। वहां ताला लगा मिलने पर युवा कोतवाली आ गए थे।
पुलिस ने उपरहितनपुरवा जानकीनगर निवासी अवधेश कुमार पांडेय की तहरीर पर छह लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एएसपी पूर्वी ने चार टीमें लगाईं हैं। एक-एक टीम गोरखपुर व लखनऊ के लिए रवाना की गई। इसी दौरान विवेक उर्फ नरेंद्र के विजिटिंग कार्ड पर मिले नंबर को सर्विलांस पर लिया गया, तो उसकी लोकेशन पहले बिहार के पश्चिमी चंपारण उसके तीन घंटे बाद पश्चिम बंगाल के कोलकाता में मिली।
लोकेशन मिलते ही पुलिस की दो टीमें दोनों जगहों के लिए रवाना कर दी गई हैं। पुलिस ने लोकेशन पर दबिश शुरू कर दी है। पश्चिमी चंपारण और कोलकाता में विवेक किन-किन लोगों से मिला और कहां ठहरा रहा, इसका पता लगाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान बड़ी संख्या में ठगी के शिकार युवा सामने आ रहे हैं। ऐसे में ठगी की रकम डेढ़ करोड़ से बढ़कर तीन करोड़ तक पहुंच सकती है। एएसपी पूर्वी मनोज रावत का कहना है कि हम जल्द ही आरोपी तक पहुंच जाएंगे।
दूसरे दिन भी शिकायत दर्ज कराने पहुंचे युवा
गाढ़ी कमाई गंवा चुके युवा दूसरे दिन शुक्रवार को भी कोतवाली पहुंचे। अयोध्या के मलखान, पवन कुमार, श्रावस्ती के अब्दुल कादिर, राकेश कुमार, महराजगंज जिले के पुरैना निवासी रजनीश पांडेय ने बताया कि वह सभी बृहस्पतिवार को नहीं पहुंच पाए थे। इसलिए अपने कागजात विवेचक को देने के लिए आए हैं। नौकरी के नाम पर उनसे भी ठगी की गई है। (संवाद)