गोंडा। 1.08 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद गोंडा पुलिस ने विवेचना तेज कर दी है। पुलिस वित्तीय लेन-देन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और कंपनी से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
करनैलगंज कोतवाली में दर्ज एफआईआर में सामाजिक कार्यकर्ता राहुल सिंह चौहान, उनकी पत्नी एवं कैप्टर मनी सॉल्यूशन लिमिटेड की निदेशक शिल्पी सिंह समेत पांच लोगों को नामजद किया गया है। आरोप है कि मुद्रा कारोबार में निवेश पर आकर्षक लाभ का लालच देकर 1.08 करोड़ रुपये की ठगी की गई। पुलिस वादी का विस्तृत बयान दर्ज करने के साथ बैंक खातों और धन के प्रवाह की भी जांच कर रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) राधेश्याम राय ने बताया कि विवेचना उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर की जा रही है। लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की गहन जांच जारी है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे विधिक कार्रवाई होगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, एफआईआर से पहले हुई प्रारंभिक जांच में कंपनी में शिल्पी सिंह के निदेशक होने, मुख्य आरोपी रजनीश के राहुल सिंह से संपर्क, करनैलगंज आने-जाने, मोबाइल पर बातचीत और शिकायतकर्ता से वित्तीय लेन-देन के संकेत मिले थे। अब इन सभी तथ्यों का दस्तावेजी और तकनीकी सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।