प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बालपुर के अंतर्गत आने वाली 25 हजार आबादी के स्वास्थ्य की देखभाल रामभरोसे है। इस भीषण गर्मी में जहां एक ओर विभिन्न प्रकार की संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं और लोग इलाज के लिए भटक रहे हैं, वहीं इस पीएचसी पर 12 दिन पहले ताला लटका दिया गया था जो अभी तक नहीं खुला।
लोग इस कड़ी धूप में इलाज कराने तो आते हैं, पर उन्हें बिना दवा के ही लौटना पड़ रहा है। इससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है। इस स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर तो पिछले दो साल से नहीं हैं, केवल फार्मासिस्ट के भरोसे ही यहां के लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल होती थी, पर उन्होंने भी अपना तबादला छह मई को जिला महिला अस्पताल में करवा लिया है और बिना चार्ज दिए ही वे चले गए।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बुधवार की सुबह 10 बजे गेट पर ही आवारा पशुओं का झुंड दिखाई पड़ा। लैब सहायक शोभाराम व वार्ड बॉय राजदत्त सिंह आराम फरमाते नजर आए। चिकित्सक कक्ष व औषधि वितरण कक्ष में ताला तटक रहा था।
इलाज कराने आए सर्वांगपुर कलवारन पुरवा निवासी छुन्नन ने बताया कि साहब बहुत दिन से तबियत खराब है। इस अस्पताल में कई दिनों से इलाज कराने आ रहा हूं, मगर डॉक्टर साहब नहीं मिल रहे हैं।
इसी तरह बालपुर की तबस्सुम भी स्वास्थ्य केंद्र के बाहर बैठकर डॉक्टर का इंतजार करती दिखीं। हलधरमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. आफताब आलम ने बताया कि पीएचसी बालपुर में फार्मासिस्ट न होने की लिखित सूचना हमें 13 मई को प्राप्त हुई है कि फार्मासिस्ट अमरेश बहादुर सिंह ने छह मई को जिला महिला अस्पताल में जॉइन कर लिया है, लेकिन अभी तक उन्होंने बालपुर का चार्ज नहीं दिया है।
ऐसी स्थिति में किसी की तैनाती भी नहीं हो सकती है। फार्मासिस्ट के भगोड़ा होने की कार्रवाई विभागीय स्तर पर की जा रही है, क्योंकि बार-बार सूचना देने पर भी वह चार्ज देने नहीं आए। इसकी सूचना सीएमओ को भी दी गई है।