मसकनवा पीएचसी में इलाज करते चिकित्सक। - संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी मसकनवा/रुपईडीह/दुर्जनपुर घाट। जिले के सभी 52 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेले का आयोजन किया गया। तरबगंज के रांगी पीएचसी में बिना जांच के ही मरीजों को दवाएं दी गईं। वहीं, रुपईडीह पीएचसी में फार्मासिस्ट ने मरीजों का इलाज किया।
पीएचसी मसकनवा में आयोजित जन आरोग्य मेले में सन्नाटा छाया रहा। आयुष चिकित्सक डाॅ. डीसी वर्मा मरीजों का उपचार करते मिले। दोपहर 12.30 बजे तक सर्दी, जुकाम, बुखार, शुगर के 12 मरीजों का उपचार हुआ था। सीएचओ सुशीला वर्मा मरीजों को स्वास्थ संबंधी जानकारी दे रहीं थीं।
मेले में बल्ड जांच की व्यवस्था थी। एलटी विजय प्रताप मरीजों का ब्लड जांच तथा फार्मासिस्ट रमेश यादव दवाओं का वितरण कर रहे थे। स्वास्थ मेले में हर बार की तरह इस बार भी किसी भी एमबीबीएस, विशेषज्ञ चिकित्सक, महिला चिकित्सक, एएनएम मौजूद नहीं मिलीं। तरबगंज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रांगी में दोपहर 1.20 बजे तक नवादीन, बम बहादुर, रमेश, रामसुघर, काली प्रसाद और राजाराम का इलाज किया गया। गोकुला निवासी राजाराम ने बताया कि अस्पताल में दवाएं तो उपलब्ध हैं, लेकिन खून की जांच नहीं हो पाती। इसके लिए मरीजों को 15 किलोमीटर दूर तरबगंज या 14 किलोमीटर दूर नवाबगंज जाना पड़ता है। दत्तनगर निवासी रमेश खुजली की दवा कराने आए और उन्होंने बताया कि डॉक्टर और दवाएं तो मिल रही हैं, लेकिन अस्पताल में काफी समय से बिजली और पानी की सुविधा नहीं है। डॉ. उदय प्रताप मिश्र ने बताया कि इस समय सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। रुपईडीह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रुपईडीह में जन आरोग्य मेला में फार्मासिस्ट नेबूलाल मरीजों का इलाज करते मिले। दोपहर 1:30 बजे तक 11 मरीजों को दवाएं दी गई थीं। सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि लापरवाही बरतने वालों से जवाब तलब किया जाएगा।