फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोगों को अगले 10 साल निर्बाध मिलेगी बिजली

Tue, 22 Sep 2015 11:09 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजली को लेकर आने वाले 10 साल मंडलवासियों के लिए काफी राहत भरे होंगे। ऐसा इसलिए, क्योंकि जो खाका पावर कॉर्पोरेशन के ट्रांसमिशन डिवीजन ने मंडल में बिजली आपूर्ति को लेकर तैयार किया है, उसमें मंडल की मौजूदा बिजली क्षमता 383 एमवीए से बढ़कर 932 एमवीए होने जा रही है। इसका लाभ मंडल की सवा करोड़ आबादी को आने वाले 10 साल तक मिलता रहेगा और उन्हें बिजली को लेकर किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होगी।
विज्ञापन


मौजूदा समय की अगर बात करें तो देवीपाटन मंडल के चार जिलों में बिजली की कुल क्षमता 383 एमवीए (मिलियन वोल्टे एम्पियर) ही है। इसकी आपूर्ति सवा करोड़ आबादी को 132 केवी के 7 और 220 केवी के एक बिजलीघर से अलग-अलग 33/11 केवी के 81 बिजलीघरों से की जाती है।

इसमें कॉर्पोरेशन के ट्रांसमिशन डिवीजन ने 540 एमवीए इजाफे का रोडमैप तैयार किया है, ताकि आने वाले 10 वर्षों तक किसी भी जिले में बिजली की कोई किल्लत न होने पाए और लोगों को बराबर इसकी आपूर्ति होती रहे।
विज्ञापन


पावर कॉर्पोरेशन सूत्रों की मानें तो इस इंक्रीजिंग रोडमैप में गोंडा स्थित 220 केवी बिजलीघर की क्षमता में 40 एमवीए का इजाफा 40 एमवीए का एक अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर लगाकर किया जाना है, जो पारेषण खंड विभाग के लोगों को मिल भी चुका है।

वहीं, 40 एमवीए का एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर मनकापुर 132 केवीए बिजलीघर पर लगेगा, जिससे इस बिजलीघर की क्षमता में भी 40 एमवीए का इजाफा हो जाएगा। वहीं गोंडा में 132 केवी के दो नए बिजलीघर करनैलगंज व नवाबगंज में बन जाने से इसकी क्षमता में 80-80 एमवीए के लिहाज से 160 एमवीए का इजाफा हो जाएगा।

उधर, बहराइच में भी तीन स्थानों पर दो जगहों सोहरवा बेगमपुर व पयागपुर में 132 केवी व बहराइच में 220 केवी का एक बिजलीघर बनना है। इससे बहराइच की बिजली क्षमता में 80-80  एमवीए के लिहाज से 240 एमवीए का इजाफा होगा।

वहीं, बलरामपुर के तुलसीपुर में बनने वाले 132 केवी बिजलीघर से इसकी क्षमता 80 एमवीए और बढ़ जाएगी। इस तरह पुराने बिजलीघरों की क्षमता में 100 एमवीए तो 132 केवी के 7 बिजलीघर नए बनने से देवीपाटन मंडल में बिजली की क्षमता 540 एमवीए बढ़ जाएगी। इसका लाभ आने वाले 10 वर्षों तक मंडल के चार जिलों में रहने वाली सवा करोड़ आबादी को मिलता रहेगा।

पारेषण खंड विभाग ने मंडल में आगामी वर्षों के भीतर होने वाली बिजली की खपत को देखते हुए यह रोडमैप तैयार किया है। इससे लोगों को अगले 10 साल तक बिजली की कोई किल्लत न होने पाए। इसी को देखते हुए हर बिजलीघर के निर्माण का काम भी चालू कर दिया गया है, जो सितंबर 2016 से पहले पूरा हो जाएगा। ताकि अक्तूबर 2016 से गांवों व शहरों को निर्बाध बिजली की आपूर्ति की जा सके। -रविप्रकाश दुबे, अधीक्षण अभियंता पारेषण मंडल गोंडा
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें