गोंडा में शनिवार सुबह कोहरे के बीच काम पर जाते लोग। - संवाद
गोंडा। कोहरे और ठंड ने लोगों को बेहाल कर रखा है। पछुआ हवा गलन बढ़ा रही है। शनिवार सुबह भी घना कोहरा छाया रहा। दोपहर में हल्की धूप निकली, लेकिन सर्दी से राहत नहीं मिली। शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को दृश्यता करीब 50 मीटर तक रही। इसके बावजूद वाहनों के संचालन पर असर पड़ा। कोहरे से ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ रहा है। ट्रेनें घंटों देरी से पहुंच रही हैं। शनिवार को अधिकतम तापमान 19 और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रहा।
मोतीगंज से शनिवार को कचहरी आए राम नेवाज ने बताया कि पेशी थी। इसलिए सुबह आठ बजे घर से चल दिए थे। ठंड बहुत है। अगर पछुआ हवा बंद हो जाए तो गलन और ठंड से राहत मिल जाएगी। ठंड का आलम ये है कि लोग बाहर निकलने से परहेज करने लगे हैं। जरूरी काम से ही लोग बाहर निकल रहे हैं। इसके कारण शाम ढलते ही बाजारों में सन्नाटा छा जाता है। रात आठ बजे तक अधिकांश दुकानों के शटर गिर जा रहे हैं। ठंड के चलते बाजारों की रौनक गायब है।
कोहरे के चलते शनिवार को 10 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 10 से 12 घंटे देरी से गोंडा रेलवे स्टेशन पहुंचीं। वैशाली, गोरखधाम सुपरफास्ट व पुरबिया एक्सप्रेस सुबह के बजाय शाम को गोंडा स्टेशन पहुंचीं। ठंड में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुशीनगर सुपरफास्ट ट्रेन, चंपारण हमसफर एक्सप्रेस, अवध एक्सप्रेस, आम्रपाली एक्सप्रेस व गोरखपुर सुपरफास्ट दो-दो घंटे देरी से पहुंची।
गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस सुबह सात बजे के बजाय 12 घंटे विलंब से शाम सात बजे पहुंची। वैशाली सुपरफास्ट सुबह छह बजे के बजाय नौ घंटे देरी से दोपहर तीन बजे व पुरबिया एक्सप्रेस सुबह 04:40 बजे के बजाय 12 घंटे देरी से शाम 04:40 बजे गोंडा स्टेशन पहुंची। इसी तरह सत्याग्रह एक्सप्रेस तीन घंटे, पाटलिपुत्र एक्सप्रेस व राप्ती सागर एक्सप्रेस एक-एक घंटा देरी से गोंडा पहुंची। दूसरी ओर वाराणसी इंटरसिटी, अंत्योदय, बरौनी मेल व हमसफर ट्रेनें निरस्त रहीं। इससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।