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Gonda News: शीतलहर व गलन से कांप उठे लोग

Tue, 06 Jan 2026 11:01 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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सिविल लाइंस में अलाव तापते परिवार के लोग। - संवाद 
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गोंडा। शीतलहर व लगातार चल रही पछुआ हवा से गलन में कमी नहीं आ रही है। मंगलवार दोपहर धूप निकली, लेकिन ठंड में कोई कमी नहीं आई।
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सिविल लाइंस निवासी ओपी यादव ने बताया कि तीन-चार दिन से ठंड ज्यादा बढ़ गई है। पूरे-पूरे दिन अलाव जलाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पछुआ हवा से मौसम तो साफ होने लगता है, लेकिन गलन के चलते परेशानी हो रही है। कचहरी आए तरबगंज निवासी सीताराम आंबेडकर चौराहे पर अलाव के किनारे बैठे मिले। उन्होंने बताया कि टैक्सी से आए हैं। ठंडी हवा चलने के कारण आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं पड़ रही है। कुछ देर अलाव तापने के बाद वह आगे बढ़े। मंगलवार को भी न्यूनतम तापमान सात डिग्री व अधिकतम 18 डिग्री रहा।


ठंड ने बढ़ाया स्ट्रोक व ब्रेन हेमरेज का खतरा
गोंडा। ठंड के कारण स्ट्रोक व ब्रेन हेमरेज के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन तीन से चार मरीज इस तरह के आ रहे हैं। डॉक्टर इलाज के साथ ही ठंड से बचाव की सलाह दे रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन ओपीडी में मंगलवार को असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. एजाज अहमद मरीजों का इलाज करते मिले। राजेश कुमार ने बताया कि ठंड से कई दिन से बीमार हैं। बुखार के साथ सिर में भारीपन है। डॉ. एजाज का कहना है कि ठंड के मौसम में रक्तचाप और शुगर के मरीजों के लिए जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। इस मौसम में ब्रेन स्ट्रोक के मामले सबसे अधिक सामने आते हैं। उन्होंने बताया कि ठंड के कारण शरीर की रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे अचानक रक्तचाप बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि जो मरीज पहले से बीपी या शुगर की दवा ले रहे हैं, वे किसी भी स्थिति में दवा बंद न करें और नियमित जांच कराते रहें। धूप निकलने के बाद ही घर से बाहर निकलें और सिर, कान व छाती को पूरी तरह ढककर रखें। गुनगुने पानी का सेवन करते रहें, इससे खून पतला रहेगा। नमकीन के ज्यादा सेवन से बचें। इससे बीपी नॉर्मल रहेगा।
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