गोंडा में नवाबगंज के चौखड़िया गांव में बकरियों की रखवाली करते लोग।
विश्नोहरपुर (गोंडा)। जंगली जानवरों से नवाबगंज थाना क्षेत्र के चार गांव के लोग खौफ में हैं। सुरक्षा की चिंता में उन्हें रात में ठीक से नींद तक नहीं आ रही है। वन विभाग को गांव के लोग सूचना तक दे रहे हैं। लेकिन वन विभाग अफवाह बताकर अपने कदम रोके हुए है। ऐसा तब है जब बीते दिनों बहराइच में भेड़िये की घटनाओं पर मुख्यमंत्री ने दौरा कर वन विभाग को सतर्क रहने के कड़े निर्देश दिए हैं।
विगत दो माह के भीतर चार गावों के आधा दर्जन बकरियों को जंगली जानवर अपना निवाला बना चुका है। स्थानीय लोग भेड़िया होने की आशंका जता रहे हैं, जिसे वन विभाग के जिम्मेदार सिरे से खारिज कर रहे हैं। लेकिन जानवर कौन सा है जाे बकरियों को खा गया, इसका पता लगाने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। वनकर्मी इन सूचनाओं को भ्रामक बताने में देरी नहीं करते, जबकि पीड़ितों में बेचैनी है।
बीते सोमवार को महंगूपुर गांव निवासी रामलौटन के खूंटे से बंधी बकरी को दिन में ही जंगली जानवर उठा ले गया। उसने साफ कहा कि भेड़िया ही था। इसकी सूचना के बाद भी कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। इसके पहले भी इसी गांव के उस्मान, चौखड़िया गांव में परवेश व वशीर खान की बकरियों को भी जंगली जानवर निवाला बना चुका है। कैसरगंज सांसद करण भूषण सिंह के पैतृक गांव विश्नोहरपुर में भी साकिर, अख्तर और बब्बन की बकरियों का शिकार जंगली जानवर कर चुका है। गांव के लोगों को मानना है कि जंगली जानवर और कोई नहीं भेड़िया ही है। इन घटनाओं के बाद भी वन विभाग जंगली जानवर का पता करने को लेकर गंभीर नहीं है।
महंगूपुर, विश्नोहरपुर, चौखड़िया, सेमरासेखपुर आदि गावों में लोगों ने भेड़िये को देखे जाने तक का दावा किया है। लौव्वावीरपुर विद्युत उपकेंद्र के निकट बालू टीले पर रहने वाले श्याम विहारी यादव ने बताया कि महीने भर से आए दिन यहां भेड़िया दिखाई पड़ता है। एक बार वन दरोगा अरुण तिवारी ने मौके का निरीक्षण तो किया, लेकिन जंगली जानवर को पकड़ने की कोई कार्रवाई नहीं की। विश्नोहरपुर के रणविजय सिंह का कहना है कि बकरियों पर हमले के बाद वन दरोगा जानकारी करके चले गए और फिर लौटकर नहीं आए। भेड़िये के खौफ से बकरियों को लेकर अब लोग खेत नहीं जाते। रघुनाथपुर के फूलसिंह ने बताया कि पशुओं के लिए खेतों से हरा चारा लाने से भी लोग डर रहे हैं। वहीं डीएफओ पंकज शुक्ल लगातार जांच करने का दावा करते हुए जंगली जानवर के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके हैं।