नोटबंदी के 23 दिन बीत जाने के बाद भी लोगों को कैश की किल्लत से राहत नहीं मिली। गुरुवार को बैंकों के बाहर पैसा निकालने के लिए लंबी कतारें लगी रहीं और लोग इनमें पूरे दिन जूझते रहे। जिले के सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा अलावल देवरिया में रुपये न मिलने से नाराज खाताधारकों ने प्रदर्शन करते हुए गोंडा-उतरौला मार्ग जाम कर दिया। इस दौरान लोगों को घंटों तक जाम की परेशानी से जूझना पड़ा। जाम हटवाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
नोटबंदी के बाद सरकार का कोई भी फैसला आम लोगों को कैश की किल्लत से राहत नहीं दिला पा रहा है। कैश के लिए बैंकों के बाहर जुट रही भीड़ कम नहीं हो रही है। सहालग का सीजन होने के कारण लोगों की मुसीबतें कम होने के बजाय लगातार बढ़ रही हैं।
गुरुवार को भी शहर से लेकर गांव तक के बैंकों में खाताधारकों की लंबी लाइनें लगी रही। सबसे खराब हालत सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की है। इस बैंक की सभी 85 शाखाएं कैश किल्लत से जूझ रही है। इस बैंक के कर्मचारियों को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है।
धानेपुर थाना क्षेत्र के बग्गीरोड बाजार स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक देवरिया अलावल में गुरुवार को कैश न होने से नाराज खाताधारकों ने बैंक के बाहर जमकर हंगामा किया। इस दौरान पैसा निकालने आई महिलाएं विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क पर बैठ गईं और गोंडा-उतरौला मार्ग जाम कर दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने सड़क पर बैठी महिलाओं को भुगतान दिलाने का आश्वासन देकर उन्हें सड़क से हटवाया। इस दौरान सड़क के दोनो तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई और लोगों को परेशानी हुई। इस संबंध में बैंक प्रबंधक सुनील तिवारी ने बताया कि जिले से कैश न आने से दिक्कतें पेश आ रही हैं।
नोटबंदी के बाद बैंकों के एटीएम पर भी लोगों की कतारें बढ़ती जा रही हैं। इस वजह से एटीएम डेढ़ से दो घंटों से अधिक नही चल पा रहे हैं। गुरुवार को यही हाल बैंकों के अधिकतर एटीएम बूथों का रहा। कुछ घंटों तक कैश उगलने के बाद एटीएम दगा दे गए और लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
सिविल लाइन के गायत्रीपुरम निवासी शिवबिहारी सिंह ने इलाहाबाद बैंक की शाखा विकास भवन के कैशियर पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है और प्रबंधक से अपना बैंक खाता बंद करने की मांग की है। शिवबिहारी का आरोप है कि वह 25 नवंबर को बैंक में पैसा निकालने के लिए आए थे। उन्होंने कैशियर से पांच हजार रुपये का भुगतान देने की मांग की तो कैशियर ने उनसे अभद्रता करते हुए भुगतान देने से मना कर दिया।