मंडलायुक्त मुरलीधर दूबे ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पेंशन प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें। अगली पेंशन अदालत से पूर्व जो विभागाध्यक्ष/कार्यालयाध्यक्ष पेंशन मामलों का निस्तारण नहीं करेंगे, उनका वेतन रोक दिया जाएगा।
उन्होंने मंगलवार को प्राप्त 11 प्रकरणों में से तीन मामलों को मौके पर ही निस्तारित कर पेंशन आदेश जारी करने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने यहां आयुक्त सभागार में पेंशन अदालत के दौरान कहा कि पेंशन प्रकरणों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि पेंशन प्रकरणों के संबंध में मासिक समीक्षा कर उन्हें भी अवगत कराया जाए। कहा कि पेंशन प्रकरणों में लापरवाही करने वाले कर्मियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
मंडलायुक्त ने कहा कि पेंशन प्रकरणों को मानवीय आधार पर भी निस्तारित किया जाना चाहिए। पेंशन प्राप्त करना एक निश्चित प्रक्रिया है, जिससे सभी सरकारी कर्मियों को गुजरना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अनावश्यक कारण जिस भी पटल पर पेंशन प्रकरण लंबित रखा जाएगा, उससे संबंधित कर्मी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।
पेंशन अदालत में कुल 11 प्रकरण आए, जिनमें से सीताराम जो स्वास्थ्य विभाग गोंडा में कार्यरत थे, उनको तत्काल पेंशन भुगतान के निर्देश दिए।
इसी प्रकार गन्ना विकास विभाग के जितेंद्र बहादुर शुक्ला व प्राविधिक शिक्षा विभाग के पॉलीटेक्निक से सेवानिवृत्त अशोक कुमार के पेंशन प्रकरण लंबे समय से लंबित थे का परीक्षण कर तत्काल पेंशन आदेश जारी करने के निर्देश दिए।