गोंडा। गरीब और निराश्रितों को शासन स्तर से मिलने वाली पेंशन योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। सत्यापन के दौरान उजागर हुए इस खेल में 7918 मृतक व 96 अपात्र विभिन्न विभागों के स्तर पर संचालित पेंशन योजना का लाभ पाते मिले हैं। प्रशासन अब दोषियों पर कार्रवाई की बात कह रहा है।
शासन स्तर से हर माह गरीबों और निराश्रितों को पांच सौ रुपया पेंशन धनराशि का प्रावधान है। इसके लिए हर साल पेंशन के लाभार्थियों का चयन होता है। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन पर पंचायतों की खुली बैठक में होने वाली स्वीकृति के आधार पर ही पेंशन मिलती है। पेंशन योजना में दिव्यांग जन विभाग दिव्याग पेंशन, महिला कल्याण विभाग निराश्रित महिला पेंशन और समाज कल्याण विभाग वृद्धावस्था पेंशन देता है। पंचायत स्तर से होने वाली स्वीकृति और कई बार के सत्यापन के बाद ही लाभार्थी की पेंशन राशि स्वीकृत होती है। जिले में संचालित पेंशन योजनाओं के तहत 20,046 लाभार्थियों को दिव्यांग 1,39,900 को वृद्धावस्था तथा 61379 निराश्रितों को महिला पेंशन योजना से लाभांवित किया जा रहा है।
वर्तमान में इन सभी लाभार्थियों का सत्यापन चल रहा है। इसके लिए राजस्व व पंचायत राज विभाग के कर्मचारियों को लगाया गया है। अब तक हुए सत्यापन में ही कई चौंकाने वाली खामियां उजागर हुई है। अब तक पेंशन योजना के नाम पर 7918 मृतकों के नाम शामिल कर पेंशन राशि हड़पने का खेल सामने आया है। इसके साथ निराश्रित महिला योजना में भी पेंशन पाने वाले 96 लोग अपात्र मिले हैं। जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने सत्यापन में उजागर हो रही खामियों को गंभीरता से लेते हुए इसके लिए जिम्मेदारों को चिह्नित कर कार्रवाई के घेरे में लाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि पेंशन योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों का सत्यापन हो रहा है। रिपोर्ट के आधार पर विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सत्यापन की हर दिन समीक्षा भी हो रही है।
दिव्यांग पेंशन योजना की स्थिति
पेंशन कुल पेंशनर सत्यापन मृतक अपात्र
दिव्यांग 20046 9539 245 --
वृद्धावस्था 139900 87243 6876 --
निराश्रित महिला 61379 20999 797 96
धीमी है पेंशन लाभार्थियों के सत्यापन की रफ्तार
पेंशनरों के सत्यापन की कार्रवाई काफी धीमी हैं। स्थिति यह है कि निराश्रित महिला पेंशनरों के सत्यापन में अभी तक 371 पंचायतों की ही रिपोर्ट मिली है। वह भी अधूरी है। इसमें करीब 40 हजार का सत्यापन फंसा हुआ है। पूरा सत्यापन होने पर मृतक और अपात्रों की संख्या बढ़नी तय है। इसी तरह वृद्धावस्था पेंशनरों में भी अभी 25 हजार से अधिक पेंशनरों का सत्यापन नहीं हो सका है। इसमें भी और नए मामले आने तय हैं। इसी तरह दिव्यांग पेंशनरों का भी सत्यापन अधूरा ही है। अभी नौ हजार से अधिक पेंशनरों का सत्यापन होना बाकी है।
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