जिला जेल में बंद हत्या के आरोपी विचाराधीन बंदी की शुक्रवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवारीजनों का आरोप है कि बंदीकी मौत जेल प्रशासन की पिटाई से हुई है। मृतक के शरीर पर चोट के निशान भी हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। जेलर ने दावा किया है कि बंदी की मौत अचानक तबियत खराब होने से हुई है।
बलरामपुर देहात थाना क्षेत्र के ग्राम पाठकपुरवा सेमरहना निवासी जगतराम (22) जुलाई 2015 में एक हत्या के मामले में जेल भेजा गया था। जगतराम के मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही थी। शुक्रवार सुबह जगतराम की इलाज के लिए जिला मेमोरियल चिकित्सालय ले आते समय मौत हो गई।
बलरामपुर पहुंची जगतराम की मां जयपाला, बड़े भाई रामअचल तथा छोटे भाई ननकू ने बताया कि गुरुवार को जगतराम पेशी के लिए न्यायालय लाया गया था। इन लोगों ने जगतराम से मुलाकात भी की थी। जगतराम स्वस्थ था। मां तथा भाइयों का आरोप है कि जगतराम की कनपटी तथा शरीर पर चोट के निशान हैं। जगतराम की आंख से खून बह रहा था।
जगतराम की मौत जेल में पिटाई किए जाने के कारण हुई है। परिवारीजनों का यह भी आरोप है कि जेल प्रशासन ने उनसे कई कागजों पर आनन-फानन में अंगूठा भी लगवा लिया है। हालांकि परिवारीजनों ने अभी तक इस संबंध में तहरीर सक्षम अधिकारियों को नहीं दी है। जगतराम का पोस्टमार्टम कराने के लिए अपर एसडीएम सीबी सिंह को नियुक्त किया गया है।
जेलर जिला जेल बलरामपुर दीपांकर भारती ने कहा कि जगतराम की शुक्रवार सुबह अचानक तबियत खराब हुई। जेल अस्पताल के डॉक्टर वीरेंद्र आर्या ने हालत गंभीर होने पर जगतराम को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। जिला चिकित्सालय में परीक्षण के दौरान डॉक्टर ने जगतराम को मृत घोषित कर दिया। जगतराम के परिवारीजनों द्वारा लगाए जा रहे आरोप झूठे व निराधार हैं।