गोंडा। आयुष्मान भारत योजना में मुफ्त इलाज करने के बाद अस्पताल संचालक अब भुगतान होने की राह देख रहे हैं। आयुष्मान योजना से संबद्ध अस्पतालों का 16.23 करोड़ रुपये अटका हुआ है। जबकि 8.82 करोड़ रुपये का क्लेम निरस्त कर दिया गया है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज देने के लिए मेडिकल कॉलेज, महिला अस्पताल, रेलवे अस्पताल व 16 सीएचसी के साथ ही 18 निजी अस्पतालों को भी संबद्ध किया गया है। गोल्डन कार्ड के लाभार्थियों को भर्ती कर मुफ्त में उपचार किया जाता है। उसके बाद अस्पताल संचालकों की ओर से बिल भेजने पर शासन से भुगतान किया जाता है।
अब तक आयुष्मान कार्ड के जरिए 80,589 लाभार्थियों को 89.99 करोड़ रुपये का इलाज दिया गया। अस्पतालों की ओर से दावा किए जाने पर अब तक 64.94 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। 16.23 करोड़ रुपये कई महीनों से बकाया है। भुगतान न मिलने के कारण अस्पताल संचालक सीएमओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
नौ महीने से नहीं मिला भुगतान
आयुष्मान के भुगतान में बड़ी समस्या हो रही है। वर्षों तक पैसा नहीं मिल पाता है। हमारे अस्पताल का भी पांच लाख रुपये नौ महीने से नहीं मिला है। जबकि सर्जरी के पहले इंप्लांट खरीदना पड़ता है। इस समस्या को लेकर प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारी मुख्य चिकित्साधिकारी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन देंगे।
डॉ. डीके राव सचिव पीएमएस/ हॉस्पिटल संचालक
जल्द होगा भुगतान
- आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को मुफ्त उपचार दे रहे अस्पतालों की ओर से भेजे गए बिल के अनुसार डिमांड शासन को भेजी है। जल्द ही भुगतान होने की उम्मीद है।
डॉ. सीके वर्मा, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना