गोंडा। किसी भी भाषा को बेहतर ढंग से जानने और सीखने के लिए उसके व्याकरण का ज्ञान होना भी उतना ही आवश्यक है। लिखने का प्रयास करते समय व्याकरण पर खास तौर पर फोकस करें। ऐसा करेंगे तो आपकी लेखनी तो शुद्ध होगी ही और साथ ही आपको एग्जाम में अच्छे अंक भी मिलेंगे।
यह बात सिविल लाइन स्थित रोजवुड इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य सरिता पांडेय ने यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों को अंग्रेजी की तैयारी के बाबत जानकारी देते हुए कही। कहा कि यदि विद्यार्थी अंग्रेजी के ग्रामर में पकड़ बना लें तो उन्हें इससे सरल भाषा और कोई नहीं लगेगी। हिंदी माध्यम से पढ़ाई होने के कारण यूपी बोर्ड के छात्रों को अंग्रेजी कुछ कठिन लगती है। जबकि अंग्रेजी भाषा हिंदी से सरल है। इसमें मात्रा, बिंदी लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है। अंग्रेजी के पेपर से घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि इसे हल्के में भी न लें। कोई भी विषय कठिन या सरल हमारी तैयारी पर निर्भर करता है। तैयारी अच्छी है तो विषय सरल लगते हैं।
कुछ बातों का ध्यान रखकर अंग्रेजी के पेपर में अधिक अंक लाए जा सकते हैं। जवाब क्रम में लिखें और जितना पूछा जाए उतना ही जवाब दें। स्पेलिंग पर ध्यान दें। सही वाक्य संरचना व उचित काल का प्रयोग करें। निबंध की शुरुआत अच्छी होनी चाहिए। तथ्यों का समावेश किया जाए। जो महत्वपूर्ण बाॅक्स हों उसे रेखांकित करें। साथ ही कम से कम पांच माॅडल पेपर हल करें और इसका मूल्यांकन भी करें। इससे त्रुटियां दूर होंगी व आत्मविश्वास बढ़ेगा।
इनका रखें विशेष ध्यान
-परीक्षा की तैयारी सुनियोजित तरीके करें ताकि सिलेबस का कोई भी भाग न छूट सके।
-याद करने के स्थान पर लिखकर करें अभ्यास।
- ट्रांसलेशन, पैराग्राफ, पेस्सेज, लेटर, ग्रामर के लिए अभ्यास बेहद जरूरी है।
- हिंदी भाषा की भांति अंग्रेजी के व्याकरण को भी शुद्ध लिखने का करें अभ्यास।
- व्याख्या के लिए गद्यांश का विधिवत अध्ययन करें। लेखक व पाठ के नाम की स्पेलिंग में गलती न हो।
- संदर्भ लिखते समय लेखक व पाठ का नाम बोल्ड में लिखें। संदर्भ सहित व्याख्या के लिए बेहतर होगा कि पाठ व लेखकों के नाम अलग से लिखकर याद कर लें।
- प्रश्नों का उत्तर टू द प्वाइंट व निर्धारित समय सीमा में लिखें।
- प्रश्नों के उत्तर में कोट संभव हो तो जरूर लिखें। यह तभी संभव है जब पाठ को अच्छी तरह से याद किया जाए।