गोंडा। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की विभिन्न योजनाओं में रुचि न लेने वाले सीडीपीओ अब मुख्य विकास अधिकारी के निशाने पर आ गए हैं। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला पोषण समिति की बैठक में सीडीओ शशांक त्रिपाठी ने अतिकुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में न भर्ती कराने, सैम-मैम बच्चों के चिह्नांकन व सुधार में प्रगति न लाने, मुख्य सेविकाओं द्वारा विजिट न करने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्रवाई के आदेश दिए हैं। सीडीओ त्रिपाठी ने सैम-मैम में सबसे खराब प्रगति पर सीडीपीओ बभनजोत, नवाबगंज तथा पंडरीकृपाल का दो माह का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं।
इसी प्रकार एनआरसी में किसी भी ब्लॉक की सीडीपीओ द्वारा एक भी अति कुपोषित या कुपोषित बच्चा भर्ती न कराने पर सभी सीडीपीओ को 05 जनवरी तक प्रगति न लाने पर प्रतिकूल प्रविष्टि की चेतावनी दी है। इसी प्रकार मुख्य सेविकाओं द्वारा विजिट में तीन सबसे खराब ब्लॉकों की मुख्य सेविकाओं के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। कुुपोषित तथा अति कुपोषित बच्चों के परिजनों को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के सहयोग से बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के दृष्टिगत गर्भवती गायें प्रदान की गईं।
बैठक में सीडीओ ने यह भी निर्देश दिए कि जिन ग्राम पंचायतों में स्वयं सहायता समूहों द्वारा राशन का वितरण नहीं किया जा रहा है, उनसे राशन वापस लेकर रिकवरी कराई जाय। संबंधित एडीओ आईएसबी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाय। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से राशन वितरण शासन की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। कुपोषण से मुक्त कराने के लिए गांवों को गोद लेने वाले नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने गोद लिए गांवों में भ्रमण कर वीएचएसएनडी की चेक लिस्ट के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित कराकर रिपोर्ट दें।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार, डीडीओ रजत यादव, पीओ डूडा विनोद सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी जयदीप सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक अनूप श्रीवास्तव, डीसी मनरेगा हरिश्चंद्र प्रजापति, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी रवींद्र सिंह राठौर, जिला समाज कल्याण अधिकारी मोतीलाल, एक्सईएन जल निगम मुकीम अहमद, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी योगेश दीक्षित, कृषि विभाग से अतुल अवस्थी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।