गाेंडा। झंझरी विकासखंड की खिराभा ग्राम पंचायत में विकास कार्य के बजट में घपले का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने जांच में छह लाख 59 हजार 587 रुपये के गबन की पुष्टि होने पर ग्राम प्रधान बड़कईया के अधिकार को सीज कर दिया है। जिला पंचायतीराज अधिकारी को पंचायत के संचालन के लिए त्रिस्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी ने अभय श्रीवास्तव निवासी खिराभा की शिकायत पर जिला गन्ना अधिकारी व तकनीकी जांच के लिए अधिशाषी अभियंता, लघु सिंचाई को जांच सौपी। विकास कार्य की जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितता उजागर हुई। गांव के सामुदायिक शौचालय से संतोष के घर तक इंटरलाॅकिंग कार्य, महेश के घर से सोनू के घर तक इंटलाॅकिंग कार्य, रामू के घर से नहर तक सीसी रोड निर्माण कार्य का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में पता चला कि ये कार्य हुए ही नहीं हैं। यह तथ्य भी सामने आया कि पुराने कार्य पर ही बजट निकाल लिया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि बिना कार्य कराए छह लाख 59 हजार 587 रुपये के गबन की पुष्टि होने पर कार्रवाई की गई है। प्रधान व तत्कालीन सचिव प्रसूनराज श्रीवास्तव दोषी मिले हैं। विभागीय कार्रवाई के लिए उपायुक्त मनरेगा और श्रम एवं रोजगार जनार्दन प्रसाद यादव को जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही पंचायत में प्रधान के कार्य करने पर रोक लगा दी गई है। अब पंचायत का कामकाज समिति करेगी। इसके अलावा गबन की धनराशि की रिकवरी की जाएगी।