इटियाथोक/पसका। जिले में बारिश के बाद धान की रोपाई ने रफ्तार पकड़ी है। हालांकि, किसानों को डीएपी और यूरिया की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। साधन सहकारी समितियों और निजी उर्वरक दुकानों पर खाद के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
कई समितियों पर खाद का स्टॉक खत्म हो गया है। कुछ जगहों पर सुबह से ही खाद के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। इससे धान की रोपाई का काम प्रभावित हो रहा है। इटियाथोक की जानकीनगर समिति में पिछले एक सप्ताह से खाद नहीं बंटी है। बेलवा कर्मडीह के किसान राम बहाल पांडेय ने बताया कि उन्हें धान और गन्ने के लिए खाद नहीं मिल रही है। समिति सचिव मदन मोहन तिवारी ने खाद आने और जल्द वितरण की बात कही।
पसका की मलांव समिति के पुरैना केंद्र पर डीएपी वितरण के लिए भारी भीड़ उमड़ी। किसान वाल्मीकि, प्रेमकुमार, योगेंद्र और शिवप्रसाद को घंटों लाइन में लगने के बाद डीएपी मिली। सचिव राजेंद्र पांडेय ने बताया कि समिति को 250 बोरी डीएपी का आवंटन मिला था।
इसका वितरण फार्मर रजिस्ट्री, आधार सत्यापन और ई-पॉश मशीन पर बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद किया गया। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने निजी उर्वरक विक्रेताओं को प्रतिदिन स्टॉक सार्वजनिक करने और समितियों पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।